बैराड़ में गोवंश को बंधक बनाने का मामला:गौसेवकों ने दो सैकड़ा से अधिक गायों को मुक्त कराया, कार्रवाई की मांग

शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील में गोवंश के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। यहां ग्रामीण फसलों को बचाने के नाम पर गायों को बाड़ों में कैद कर रहे थे, जिससे भूख-प्यास से उनकी मौत हो रही थी। सूचना मिलने पर गौसेवकों ने दो गांवों से दो सौ से अधिक गोवंश को मुक्त कराया। गौसेवक धीरज सोनी, धर्मेंद्र यादव, राजू परिहार, नरेंद्र ओझा और ललित मुदगल को धोरिया गांव में बस स्टैंड के पास एक बाड़े में करीब 25 गोवंश बंधक मिले। इनमें से 15 से 20 गायों के हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए थे। गौसेवकों ने तत्काल इन गायों को आजाद कराया। इसके बाद गौसेवक गाजीगढ़ के मुक्तिधाम पहुंचे, जहां लगभग दो सौ गोवंश कैद पाए गए। यहां पानी और चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे जानवरों की हालत बेहद खराब थी। सभी गोवंश को मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। गौसेवकों ने बताया कि ग्रामीण बेसहारा गोवंश को फसलों को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए पकड़कर भूख-प्यास से मरने के लिए छोड़ देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोवर्धन, नारायणपुरा और बुढ़दा जैसे कई गांवों में गोशालाएं बनी तो हैं, लेकिन वे केवल दिखावे के लिए हैं और वहां उचित व्यवस्थाओं का अभाव है। इस मामले में तहसीलदार दुर्गपाल वैश्य ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर गायों को मुक्त कराया गया है। हालांकि, कोई भी ग्रामीण सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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