कोंडागांव के गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे में रविवार को बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आईटीबीपी के जवानों ने अखंड पाठ रखा। गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन दरबार और अरदास का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सिख समाज के लोगों ने सेवा भावना का परिचय देते हुए राहगीरों को शरबत पिलाया और प्रसाद वितरित किया। विभिन्न समुदायों के लोग गुरुद्वारे पहुंचे और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। बैसाखी का पर्व सिख धर्म में खालसा पंथ की स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व किसानों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। फसल कटाई के बाद वे इस दिन को खुशी से मनाते हैं। बैसाखी पर्व सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया इस दिन जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को भी याद किया गया। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में रॉलेट एक्ट के विरोध में हुई शांतिपूर्ण सभा पर ब्रिटिश जनरल रेजिनाल्ड डायर ने गोलियां चलवाई थीं। इस हत्याकांड में 1000 से अधिक लोग मारे गए और हजारों घायल हुए थे। गुरुद्वारा समिति के सदस्यों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी बैसाखी पर्व को सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के अंत में गुरुद्वारा परिसर में लंगर का आयोजन किया गया। सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।


