बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव को बड़ी राहत मिली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला उनकी फिल्म ‘बहन होगी तेरी’ (2017) से जुड़ा है, जिस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया था। दरअसल, जालंधर की एक अदालत में पिछले माह इस मामले की सुनवाई हुई थी। इसके बाद अभिनेता ने हाईकोर्ट का रुख किया। जस्टिस यशवीर सिंह राठौर की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को तय की है। 10 दिसंबर को होगा मामले में अंतिम फैसला दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक राजकुमार राव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक रहेगी। अदालत ने कहा कि यह जांचा जाएगा कि क्या वास्तव में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई ठोस आधार है या फिर यह केवल एक धारणात्मक विवाद है। इस फैसले के बाद राजकुमार राव को फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन अंतिम फैसला 10 दिसंबर की सुनवाई के बाद ही तय होगा। क्या है मामला? यह केस वर्ष 2017 में थाना डिवीजन नंबर 5, जालंधर में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता, जो स्थानीय शिवसेना नेता और फिल्म के निर्माता बताए जाते हैं, ने आरोप लगाया था कि फिल्म में भगवान शंकर को अनुचित ढंग से दर्शाया गया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में यह भी कहा गया कि फिल्म का एक पोस्टर और दृश्य आपत्तिजनक थे। इस आधार पर पुलिस ने फिल्म के निर्देशक नितिन कक्कड़, निर्माता अमूल विकास मोहले, अभिनेत्री श्रुति हासन और अभिनेता राज कुमार राव के खिलाफ धारा 295-ए और 153-ए समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। श्रुति हसन को कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है।


