बोकारो पुस्तकालय में बीएसएल ने की साहित्यिक कवि गोष्ठी का आयोजन

सिटी रिपोर्टर | बोकारो बीएसएल की ओर से बोकारो पुस्तकालय, सेक्टर-5 में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य, संवेदना और रचनात्मक अभिव्यक्ति से परिपूर्ण इस आयोजन में कवियों एवं साहित्य प्रेमियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीएसएल के सामग्री प्रबंधन डिवीजन के महाप्रबंधक (क्रय) उदय कुमार सिंह थे। उन्होंने कहा कि कविता कम शब्दों में गहन भावों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। कविता गागर में सागर भरती है और शायरी अंधकार के क्षणों में ईश्वर से प्रार्थना बन जाती है। विशिष्ट अतिथि महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) चौधरी रत्नेश कुमार सुधांशु ने बोकारो में साहित्यिक वातावरण के निरंतर सुदृढ़ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियां साहित्यकारों को एक सशक्त मंच प्रदान कर रही हैं। आमंत्रित अतिथि एवं कवि, उप महाप्रबंधक (वित्त) बीबी तिवारी ने अपने काव्यात्मक संबोधन में साम्राज्यवादी प्रवृत्तियों पर व्यंग्य प्रस्तुत किया। जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। गोष्ठी के आरंभ में डॉ. नरेंद्र कुमार राय ने अतिथियों का स्वागत किया। कवियों ने अपनी रचनाओं से दर्शकों का मन मोहा कवि गोष्ठी में कवियों ने अपनी सशक्त एवं भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आरएमपी विभाग के कनीय प्रबंधक अतुल कुमार ने आजाद कलम, मनोज कुमार निशांत ने कविता नहीं है केवल कुछ शब्दों का मेल, डॉ. योगेंद्र प्रसाद मुसहर ने देखा धरती सुखी, कनक लता राय ने मृत्यु की तैयारी, अंकित कुमार उपाध्याय ने लिखती कलम, पद्मावती कोमल ने यह देश जमीन का टुकड़ा नहीं, रीना यादव ने लोग नाराज़ हैं, माला कुमारी ने महकते ख़्वाब हैं बेटियां’, क्रांति श्रीवास्तव ने मां की गोद, अमृता शर्मा ने तिलखत, कस्तूरी सिन्हा ने कोई याद आता है मुझे की प्रस्तुति दी।

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