बोकारो के गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत झुमरा और लुगू पहाड़ के बीच बुधवार सुबह पांच लाख का इनामी सब जोनल कमांडर कुंवर मांझी उर्फ सहदेव मांझी उर्फ सादे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। 30 साल पहले तक झुमरा पहाड़ नक्सलियों का गढ़ रहा है। यह 45 किमी परिधि में फैला है। 4 राज्यों के नक्सलियों का ट्रेनिंग कैंप था। उन दिनों इस इलाके में इनका खौफ ऐसा था कि न तो ग्रामीण कुछ बोलते थे न पुलिस कुछ कर पाती थी। लेकिन पिछले 2 दशक से पुलिस की कार्रवाई इतनी दमदार रही कि इनकी कमर टूट चूकी है। पहली बार हुरलुंग के जोरिया गांव में 10 जनवरी 2011 को मुठभेड़ हुई थी। इसमें तीन भाकपा माओवादी मारे गए थे। इनमें झुमरा पहाड़ के धर्मेंद्र महतो उर्फ दयाल महतो और पीरटांड़ थाना क्षेत्र के प्रविल मांझी व प्रशान्त मांझी शामिल थे। बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि अब नक्सलियों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। कुछ ही बचे हैं। ये अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब जहां भी देखे जाते हैं मारे जाते हैं। सरकार ने सरेंडर नीति लाई है, सरेंडर करें, वरना मारे जाएंगे। तीनों मुठभेड़ में पुलिस ने 12 नक्सलियों को मार गिराया पिछले छह महीने में झुमरा पहाड़ और आसपास में तीन बड़े मुठभेड़ हुए। तीनों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। इन तीनों मुठभेड़ में पुलिस ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है। 22 जनवरी 2025 को ऊपरघाट में हुई मुठभेड़ दो नक्सली मारे गए थे। उस दिन फरार हुआ अरविंद यादव 21 अप्रैल की मुठभेड़ में मारा गया था। 22 जनवरी को नक्सल प्रभावित ऊपरघाट स्थित बंशी-जरवा के जंगल में पुलिस की भाकपा माओवादी नक्सलियों से मुठभेड़ में एरिया कमांडर शांति देवी व सदस्य मनोज टुडू मारे गए थे। मुठभेड़ स्थल से एके 47, इंसास राइफल, भारी मात्रा में कारतूस सहित कई सामान बरामद हुए थे। मुठभेड़ के एक दिन पूर्व 21 जनवरी की शाम में पुलिस ने चंद्रपुरा से 15 लाख के इनामी नक्सली रणविजय महतो उर्फ रंजय उर्फ नेपाल महतो को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में मारी गई नक्सली शांति देवी हार्डकोर नक्सली रणविजय महतो की पत्नी थी। 21 अप्रैल को ऊपरघाट में हुई मुठभेड़ में बच निकला था 10 लाख का इनामी 21 अप्रैल को ऊपरघाट में हुई मुठभेड़ में बच निकला 10 लाख का इनामी नक्सली अरविंद यादव सहित अन्य सात नक्सली मारे गए थे। लुगू पहाड़ के चोरगावां स्थित मुंडा टोला-सोसो जंगल में मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार इस क्षेत्र में जोनल कमांडर वीरेन व एरिया कमांडर कुंवर मांझी का दस्ता सक्रिय था। उसी दस्ता के अधिकारियों व सदस्यों की यहां मुठभेड़ में जान गई। इनमें एक करोड़ का इनामी नक्सली प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मांझी, 25 लाख का इनामी जोनल कमांडर साहेबराम मांझी व 10 लाख का इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अरविंद यादव के अलावा महेश मांझी, राजू मांझी, गंगाराम, महेश तथा एक महिला नक्सली तालु मांझी मारे गए। पुलिस की सूचना तंत्र हुई मजबूत पुलिस की लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सलियों के हौसले पस्त हो रहे हैं। 3 दशक पहले झुमरा पहाड़ और आसपास में मोबाइल टावर नहीं रहने के कारण पुलिस की सूचना तंत्र कमजोर थी, लेकिन अब मोबाइल युग में इंटरनेट के जरिए पुलिस अपनी खुफिया तंत्र मजबूत कर चुकी है। नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी तुरंत मिल जाती है। ————————————–
बोकारो के गोमिया में पुलिस- नक्सली मुठभेड़:5 लाख का इनामी नक्सली कुंवर मांझी ढेर, आधे घंटे चला मुठभेड़, AK 47 बरामद झारखंड पुलिस एवं कोबरा 209 बटालियन के संयुक्त सर्च अभियान के दौरान गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोरडेरा के जंगली इलाके में एक भीषण मुठभेड़ हुई। जिसमें भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और 4 लाख के इनामी नक्सली कुंवर मांझी उर्फ सहदेव मांझी मारा गया। घटनास्थल से एक अन्य अज्ञात व्यक्ति का शव भी बरामद किया गया है, जिसकी शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। पढ़िए पूरी खबर…


