सीसीएल के ढोरी कांटा के पास स्थित एक दुकान के बाहर हाइवा के किराए को लेकर हुआ विवाद बेरमो थाना तक पहुंच गया। जहां देर शाम को दोनों पक्ष में हो रहे समझौता के बीच विवाद बढ़ गया। इसी बीच समझौता कराने वाले करगली बाजार निवासी सह ट्रक ऑनर एसोसिएशनके अध्यक्ष राजन साव तथा पिछरी-तांतरी के कुछ युवकों केबीच विवाद बढ़ गई। इसमें दोनों पक्षमें थाने में भी मारपीट तथा धक्का मुक्की हो गई। इसको लेकर पिछरी के राजेंद्र पाल, मनीष मिश्रा तथा तांतरी निवासी सत्यम मिश्रा व अन्य ने आरोप लगाया कि राजन साव ने थाना कैंपस में पिस्तौल निकाल कर तानते हुए जान मारने की धमकी दी। वहीं राजन साव ने कहा कि उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल है, लेकिन वे उक्त पिस्तौल को वार्ता के दौरान थाना में लेकर नहीं आए थे। ऐसे में पिस्तौल निकालने तथा तानने का सवाल ही नहीं उठता है। वहीं राजन साव ने उपरोक्त लोगों के अतिरिक्तअन्य उनके समर्थकों पर मारपीट तथा सोने के चेन छिनने का आरोप लगाते हुए बेरमो थाना को आवेदन दिया। कार्रवाई की मांग को लेकर जुटे समर्थक इधर पिछरी-तांतरी के युवकों द्वारा राजन साव पर थाने में पिस्तौल निकालने के मामले को गंभीर मामला बताते हुए तत्काल उनपर मामला दर्जकर कार्रवाई करने की मांग करते हुएथाने के बाहर जमा हो गए। उन्हें समझाने के बावजूद भीड़ नहीं हटने पर बेरमो थाना पुलिस ने हल्कालाठी चार्ज करते हुए भीड़ को थाने के बाहर से हटाया। पुलिस के लाठीचार्ज के भय से भागने के क्रम में करगली बाजार निवासी 26 वर्षीय आर्यन गुप्ता को चोट आई है। उसका इलाज अनुमंडलीय अस्पताल फुसरो में किया जा रहा है। इस दौरान कई और लोगों को हल्की चोट लगी है। मामला बढ़ता देख बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, बेरमो एसडीपीओ वशिष्ठ नारायण सिंह, बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार आदि लोग भी बेरमो थाना पहुंचकर स्थिति नियंत्रण करने में लगे रहे। साथ ही जिला से अतिरिक्त बल भी मंगवाया गया। हाइवा किराए में लगवाने वभाड़ा को लेकर बढ़ा विवाद हाइवा किराए में लगवाने तथा भाड़ा मिलने में दिक्कत होने के कारण विवाद बढ़ा। ढोरी चेकपोस्ट निवासी दुकानदार अजय कुमार ने बताया कि हाइवा ऑनर मुन्ना विश्वकर्मा का हाइवा पिछरी निवासी राजेंद्र पाल केद्वारा बोकारो के एक प्लांट में किराए पर लगवाया गया था। जहां से पूरा किराया नहीं मिलने पर राजेंद्र पाल के साथ विवाद चल रहा था। इसी दौरान राजेंद्र पाल मेरी दुकान में आकर उधार में मोबिल मांगने लगा,हमारे द्वारा इंकार करने पर उसने हमारे साथ मारपीट की। राजेंद्र पालने कहा कि हमने उनका हाइवा एक कंपनी में यह कहते हुए भाड़े पर लगवाया था कि कंपनी से लेन-देनका मामला आप खुद समझ लें। समझौता का चल रहा प्रयास इधर दोनों पक्ष में बढ़े हुए मामले को देखते हुए कांग्रेसी नेता निरंजन मिश्रा,उत्तम सिंह, शिवनंदन चौहान, गणेशमल्लाह सहित कई लोग मामला सुलझाने के प्रयास में लगे हुए थे। इस संबंध में बेरमो एसडीपीओ वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि मामूली बात को लेकर दोनों पक्ष में विवाद हुआ है। दोनों पक्ष का आवेदन लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद जो भी मामला सामने आएगा, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


