राकेश जायसवाल | कवर्धा कबीरधाम जिले को साल 2027 तक मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य है। लेकिन मलेरिया घटने की बजाय बढ़ रही है। वर्ष 2023 तक जिले में मलेरिया संवेदनशील गांवों की संख्या 219 थे, जो अब बढ़कर 230 हो गई है। सहसपुर लोहारा ब्लॉक के मोतिनपुर सेक्टर में 11 संवेदनशील गांव बढ़ गए हैं। जहां से कुल मिले पॉजिटिव केस में 5% मरीज पाए गए हैं। मलेरिया की संक्रमण दर में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023 में जहां संक्रमण दर 0.07% था, वह 2024 में बढ़कर 0.40% तक पहुंच गया है। बजट में अभाव से जूझ रहा स्वास्थ्य महकमा मच्छरों के आगे ऑलआउट हो चुका है। पड़ताल से पता चला कि संवेदनशील गांवों में 2 साल से मच्छरदानी वितरण नहीं हुआ है। केंद्र सरकार से मेडिकेटेड मच्छरदानी की सप्लाई होती है। दो साल से स्वास्थ्य महकमा 61,691 मच्छरदानी की डिमांड कर रहा है। लेकिन अब तक एक भी नहीं मिली। जिले में मलेरिया का एपीआई (एरिया पॉजिटिव इंडेक्स) 1.41 पर पहुंच गया है। जो कि बीते 5 साल में सबसे ज्यादा है। एरिया पॉजीटिव इंडेक्स निकालने के लिए जितने पॉजिटिव केस मिले हैं, उस संख्या को 1000 से गुणा करते हैं। गुणा के बाद जितनी संख्या आती है, उसमें उस क्षेत्र की जनसंख्या से भाग देते हैं। प्राप्त संख्या ही वहां की एरिया पॉजीटिव इंडेक्स होती है। वर्ष 2023 में यह 0.21 था, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 1.41 पर पहुंच गया है। बढ़ी फिक्र; घटने के बजाय साढ़े 5 गुना बढ़ गए मलेरिया के केस स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चला कि वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में मलेरिया के केस में साढ़े 5 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2023 में कुल 3,24368 लोगों की जांच में 250 केस मिले थे। जबकि वर्ष 2024 में 3,39579 लोगों की जांच में 1377 पॉजिटिव पाए गए। वहीं 2025 में जनवरी से मार्च तक की अवधि में 58,183 लोगों की जांच में 38 पॉजिटिव मिल चुके हैं। घरों में गमलों पर हर्बल पौधे लगाएं, दूर भागेंगे मच्छर सीएमएचओ डॉ. बीएल राज बताते हैं कि लोग घरों में गमलों पर हर्बल पौधे जैसे तुलसी, अजवाइन, गैंदा, लेमन ग्रास आदि लगाएं। हर्बल पौधों से पाइरेथ्रम, थियोफिन जैसे वाष्पशील सुगंधित गंध निकलती है। इससे मच्छर दूर भागते हैं। घरों के आसपास गंदा पानी व कूड़ा जमा न होने दें। सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।


