नई स्थाई भर्ती में मेरिट के साथ 10, 20 और 30 बोनस अंकों की मांग को लेकर आज कोटा के संघर्षरत फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल संविदा कर्मचारियों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। संघर्षरत कर्मचारियों ने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को अपने खून से पोस्टकार्ड और पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया में वर्षों के अनुभव का लाभ देने की मांग की। संघर्ष समिति ने बताया कि कोटा से करीब 100 से अधिक पोस्टकार्ड भेजे गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आगामी समय में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा और जयपुर में पूरे प्रदेश से फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल कर्मी एकत्र होकर आगे की रणनीति तय करेंगे। पैरामेडिकल संघर्ष समिति 2025 के संविदा कर्मचारियों ने बताया कि आगामी भर्ती परीक्षा के माध्यम से कराए जाने की तैयारी है, जबकि कई कर्मचारी वर्षों से मात्र 8 हजार रुपये मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। सीधे परीक्षा होने पर उन्हें अपने लंबे अनुभव का कोई लाभ नहीं मिलेगा। कर्मचारियों ने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया परीक्षा के बजाय बोनस अंकों के आधार पर की जाए।
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि अस्पतालों में काम करते हुए उन्हें चार साल से अधिक समय हो चुका है, इसलिए भर्ती 10, 20 और 30 बोनस अंकों के अनुसार की जानी चाहिए।


