बुरहानपुर जिले के बोरसर गांव स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने पढ़ाई के साथ-साथ एक अनोखी पहल की है। यहां छात्रों के लिए ‘स्टूडेंट सेविंग बैंक ऑफ बोरसर’ का संचालन किया जा रहा है। यह बैंक विद्यार्थियों को बचत, बैंकिंग प्रक्रिया और वित्तीय साक्षरता की व्यावहारिक समझ प्रदान कर रही है। इस बैंक का संचालन 12वीं कक्षा की छात्राएं करती हैं। राष्ट्रीयकृत बैंकों की तर्ज पर, छात्राएं ही क्लर्क, कैशियर और मैनेजर की भूमिका निभाती हैं। बैंक में वित्तीय लेनदेन और लेखा-जोखा पेशेवर तरीके से रखा जाता है। ‘स्टूडेंट सेविंग बैंक’ का अपना एक आईएफएससी कोड है और प्रत्येक विद्यार्थी का एक खाता नंबर है। खाताधारकों को पासबुक, जमा पर्ची, आहरण पर्ची और चेक बुक जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। बैंक का संचालन प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को स्कूल के मध्याह्न अवकाश के दौरान किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दिनों में भी बैंक खुलता है। खाता खोलने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित फॉर्म के साथ आधार कार्ड, समग्र आईडी, पासपोर्ट फोटो और पालक की सहमति प्रस्तुत करनी होती है। बैंक का आईएफएससी कोड माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी संस्था कोड पर आधारित है, जबकि खाता संख्या संस्था के डाइस कोड और छात्र के रोल नंबर को जोड़कर तैयार की गई है। बैंक से संबंधित प्रपत्रों पर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी तनाव प्रबंधन हेल्पलाइन और उमंग किशोर हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी इनके प्रति जागरूक रहें। जमा या निकासी 10 या 20 रुपये के गुणक में होती है, जिसकी प्रविष्टि कैशबुक और पासबुक में की जाती है। प्राचार्य योगेश पाटील ने बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों की तर्ज पर इस छात्र बैंक में हर तीन महीने में एक बार प्रोत्साहन योजना लागू की जाती है। सर्वाधिक बचत करने वाले पहले तीन खाताधारकों को ब्याज स्वरूप पेन, कॉपी, संस्था की प्रिंटेड टी-शर्ट और अन्य घरेलू उपयोग की सामग्री दी जाती है। यह पहल विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचने के प्रति भी जागरूक कर रही है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रविंद्र महाजन ने विद्यार्थियों की इस अनूठी पहल की सराहना की है।


