ब्यावरा थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के शिक्षक से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 27 लाख 50 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फंसाया पुलिस के मुताबिक अपना नगर, ब्यावरा निवासी रामकिशोर पिता मोहनसवरूप को 22 दिसंबर को ‘ए-19 स्टडी ग्रुप’ नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में करीब 50 लोग जुड़े थे। ग्रुप में शेयर बाजार, ट्रेडिंग और आईपीओ में मोटे मुनाफे के संदेश रोज भेजे जाते थे। फर्जी मोबाइल ऐप से निवेश कराया 24 दिसंबर को ग्रुप में भेजे गए एक लिंक के जरिए रामकिशोर का ‘कैपस्टोन’ नाम के मोबाइल ऐप पर खाता खुलवाया गया। ऐप पर हर दिन 10 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच दिया गया। इस पर भरोसा कर शिक्षक ने यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस के जरिए अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। 27.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए आरोपियों के कहने पर शिक्षक ने कुछ ही दिनों में चरणबद्ध तरीके से कुल 27.50 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। बाद में ठगों ने आईपीओ में दोगुना-तीन गुना मुनाफे का झांसा देकर और पैसे लगाने का दबाव भी बनाया। पैसे मांगे तो बंद कर दिया ऐप जब शिक्षक ने अपनी जमा की गई रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसका ऐप अकाउंट बंद कर दिया। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप और मोबाइल नंबर भी बंद कर दिए गए। तब जाकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। अन्य राज्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल जांच में सामने आया है कि जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए, वे पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार सहित अन्य राज्यों के हैं। इससे जालसाजों तक पहुंचने में पुलिस को परेशानी आ रही है। हालांकि साइबर सेल की मदद से जांच जारी है। पुलिस ने दर्ज किया मामला थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बैंक खाते, मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप ग्रुप और लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले निवेश के लालच में न आएं। किसी भी ऐप या योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सही जानकारी जरूर लें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।


