राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार रविवार, 21 दिसंबर 2025 को ब्यावर न्यायक्षेत्र में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायालयों में लंबित 1,977 प्रकरणों और प्री-लिटिगेशन के 248 प्रकरणों सहित कुल 2,225 मामलों का आपसी राजीनामे के आधार पर अंतिम रूप से निस्तारण किया गया। लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सत्र न्यायाधीश), ब्यावर हारूण ने किया। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने लोक अदालत को ‘सुलभ, त्वरित और मानवीय न्याय का महाकुंभ’ बताया। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान समाज में शांति और सौहार्द को मजबूत करता है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि पिछले पांच वर्षों से अलग रह रहे एक पति-पत्नी के बीच पुनः मेल-मिलाप कराना रहा। वर्षों के मनमुटाव और मुकदमेबाजी के बोझ के बाद, न्यायिक बेंच और अनुभवी अधिवक्ताओं के सकारात्मक मार्गदर्शन से दोनों पक्षों ने कड़वाहट भुलाकर एक-दूसरे को माला पहनाई और दाम्पत्य जीवन को पुनः शुरू करने का संकल्प लिया। प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए ब्यावर मुख्यालय तथा तालुका बर, जैतारण और बिजयनगर सहित कुल 8 बेंचों का गठन किया गया था। इस आयोजन में एडीजे-2 गिरिजा भारद्वाज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कमल कुमार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण शंकर, सुषमा जाखड़, सतीश फनीन, हर्षित शर्मा, जिला बार संघ के अध्यक्ष राकेश प्रजापत, सचिव श्यामप्रताप सिंह सहित वरिष्ठ अधिवक्तागण सुनील कौशिक, मुकेश दवे, महेन्द्र सिंह हुडा, सुरेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह पंवार, बालकिशन गोठवाल, नरतप सिंह, एल.के. व्यास, नरेन्द्र शर्मा, धमेन्द्र शर्मा, तुषार दुबे, प्रवीण जैन, जयप्रकाश जांगिड, नोरतपुरी गोस्वामी तथा विभिन्न बैंक व वित्तीय संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे।


