डिंडोरी में ब्राह्मण समाज ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार आर.पी. मार्को को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन आईएएस संतोष वर्मा द्वारा समाज की बेटियों के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में था। समाज ने तीन दिन के भीतर वर्मा के खिलाफ कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसकी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन की होगी। कृषि विभाग में उप सचिव स्तर के अधिकारी संतोष वर्मा ने हाल ही में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद एक प्रांतीय अधिवेशन में आरक्षण का समर्थन करते हुए बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जब तक ब्राह्मण अपनी बेटी दान न करें, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। हालांकि, इस बयान के अगले ही दिन अधिकारी ने समाज से माफी भी मांग ली थी। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष यू.के. पटेरिया ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए बताया कि आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को 2021 में गलत तरीके से आईएएस अवॉर्ड दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि वर्मा चार साल जेल में भी रह चुके हैं। पटेरिया ने आरोप लगाया कि वर्मा अपने बयान से सामुदायिक वैमनस्यता फैला रहे हैं और सरकार को तत्काल उनका आईएएस अवॉर्ड निरस्त कर उन्हें निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कर जेल भेजना चाहिए।


