दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के ननकट्ठी गांव से लगी शिवनाथ नदी के घाट में अवैध रेत खनन किया जा रहा है। रेत माफिया ने ननकट्ठी से बोरी को जोड़ने वाले बड़े ब्रिज से 100 मीटर की दूरी पर ही हजारों हाइवा रेत का खनन कर डाला। इस मामले में नव-निर्वाचित सरपंच सुशील साहू का कहना है कि ये काम पुराने सरपंच के समय में हुआ है। वहीं सचिव ने कहा- खनिज विभाग ने अनुमति दी होगी, उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि ननकट्ठी ग्राम पंचायत के अंतर्गत बोरी जाने वाले मार्ग में शिवनाथ नदी पर 100 मीटर से अधिक लंबा ब्रिज बना है। NGT की गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी ब्रिज से 300 से 500 मीटर की दूरी पर रेत खनन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर ब्रिज के पिलर कमजोर हो जाते हैं और उससे ब्रिज के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इस नियम के बाद भी कुछ लोगों ने ग्राम पंचायत से रेत घाट उत्खनन के लिए प्रस्ताव बनवाया। इसके बाद प्रस्ताव पास हुए बिना ही नदी के घाट में चेन माउंटेन मशीन उतार दी। चेन माउंटेन मशीन की मदद से दिन रात रेत खनन करके हजारों हाईवा रेत घाट से निकाली गई। इसके बाद जैसे ही मीडिया की नजर इस पर पड़ी और खनिज अधिकारी से परमिशन को लेकर बात की गई तो उन्होंने यहां उत्खनन का काम बंद करा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि नदी से दिन रात रेत निकाली गई। जो रेत बिक गई उसे बेचा गया और बाकी रेत को खेतों में लेजाकर डंप कर दिया गया। अब उसे धीरे-धीरे महंगे दाम में बेचा जा रहा है। घाट तक हाईवा पहुंचने के लिए बनाई गई रोड रेत ढुलाई करने में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए रेत माफिया ने बाकायदा चेन माउंटेन मिट्टी को खोदकर घाट तक चौड़ी कच्ची सड़क बना डाली है। जब भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि वहां 30-40 फिट चौड़ी कच्ची रोड बनी है। जिससे आराम से ट्रक लेकर घाट तक पहुंचा जा सकता है। नदी के घाट में बड़े बड़े गड्ढे शिवनाथ नदी से दिन रात रेत की खुदाई करने से वहां पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कुछ गड्ढों में नदी का पानी भर गया है तो कुछ अभी भी खुदे पड़े हैं। बारिश के दिनो में ब्रिज के कालम के पास की रेत कटकर इन गड्ढों में भरेगी। इससे ब्रिज की पाइल की रेत खिसकेगी। पिलर और कॉलम कमजोर होने लगेंगे। खनिज अधिकारी ने कहा बंद कराया गया है घाट इस मामले को लेकर जब जिला खनिज अधिकारी दीपक मिश्रा से मिलने उनके ऑफिस गए तो पता चला वे पिछले एक सप्ताह से कार्यालय में नहीं बैठ रहे हैं। जब धमधा क्षेत्र के खनिज इंस्पेक्टर दीपक तिवारी बात की गई तो उन्होंने रेत उत्खनन की बात को स्वीकार किया। उन्होंने माना कि ब्रिज के एकदम नजदीक रेत खनन हो रहा था, जो कि गलत है। उन्होंने कहा की जानकारी मिलते ही खनन को बंद करा दिया गया है, लेकिन उनके द्वारा ना तो किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई और ना ही चेन माउंटेन मशीन जब्त की गई। नई सरपंच ने कहा पुराने सरपंच के कार्यकाल में हुआ खनन ग्राम पंचायत ननकट्ठी की नव-निर्वाचित सरपंच सुशील साहू का कहना है कि चुनाव के समय में वहां रेत उत्खनन हो रहा था। ये कार्य पुराने सरपंच के समय में हुआ है। अभी उन्होंने शपथ ग्रहण नहीं किया है। उनके वे इस तरह से अवैध उत्खनन नहीं होने देंगी। सचिव ने कहा प्रस्ताव गया था, पास नहीं हुआ ग्राम पंचायत ननकट्ठी के सचिव बेनीराम निषाद का कहना है कि रेत खनन के लिए ग्राम पंचायत से एक प्रस्ताव बनाकर खनिज विभाग के दिया गया था। उसके बाद यदि खनिज विभाग ने खनन की अनुमति दी होगी, उसके बाद ही खनन हुआ होगा। परमिशन मिला है या नहीं उन्हें जानकारी नहीं हैं। जब सचिव से पूछा गया कि किन लोगों के नाम प्रस्ताव दिया गया तो उन्होंने बताने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि खनन करने वाले भिलाई के हैं।


