ब्रिटिश प्रिंस ने एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजी:बेटी ने पिता से रिश्ता तोड़ा; सर्वाइवर बोली- शाही महल में सेक्स के लिए मजबूर की गई थी

ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है, जिसे जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को जारी किया था। इन ईमेल्स में प्रिंसेस बीट्रिस और प्रिंसेस यूजिनी की तस्वीरें शामिल हैं। प्रिंस एंड्रयू की तरफ से एपस्टीन को 20 दिसंबर 2012 को एक कार्ड भेजा गया। इसमें कुल 4 तस्वीरें थीं। दो तस्वीरों में प्रिंसेस बीट्रिस को फरवरी 2012 में मोंट ब्लांक पर चढ़ाई करते हुए दिखाया गया है, जबकि प्रिंसेस यूजिनी की साइकिल चलाते तस्वीर भेजी गई थी। वहीं, इस महीने की शुरुआत में प्रिंसेस यूजिनी ने विवादों के बीच एंड्र्यू से सभी संपर्क तोड़ दिए हैं। दूसरे मामले में एक महिला के वकील ने बीबीसी को बताया कि प्रिंस एंड्रयू के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए एपस्टीन ने उन्हें जबरन प्रिंस एंड्रयू के निवास रॉयल लॉज भेजा गया था। एंड्रयू ने क्रिसमस कार्ड में भेजी थी राजकुमारियों की तस्वीरें यह तस्वीरें उस समय भेजी गईं, जब एंड्रयू दावा कर चुके थे कि उन्होंने एपस्टीन से सभी संबंध खत्म कर दिए हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ के मुताबिक उस समय यूजिनी 21 साल की और बीट्रिस 23 साल की थीं। नए दस्तावेजों के मुताबिक, 21 दिसंबर 2011 को ‘एचआरएच द ड्यूक ऑफ यॉर्क’ ईमेल आईडी से एपस्टीन को एक क्रिसमस कार्ड भेजा गया था। इसमें दोनों बहनों की बर्फ में ली गई तस्वीर थी। कार्ड पर एंड्रयू के साइन थे। ब्रिटिश PM ने प्रिंस एंड्र्यू से गवाही देने को कहा ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने प्रिंस एंड्र्यू से अमेरिकी संसद की कमिटी के सामने गवाही देने को कहा है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के दस्तावेजों में एंड्र्यू एक महिला के ऊपर घुटनों के बल झुके हुए दिख रहे हैं, जो जमीन पर लेटी हुई है। वे महिला के पेट और कमर को छूते नजर आ रहे हैं। महिला की पहचान नहीं बताई गई है और वह पूरी तरह कपड़े पहने हुए है। जेफ्री एपस्टीन ने एंड्रयू को 26 साल की एक रूसी महिला के साथ डिनर पर बुलाने की बात कही थी। 11 और 12 अगस्त 2010 के ईमेल में एपस्टीन एक 26 साल की रूसी महिला से एंड्रयू की मुलाकात कराना चाहता था। इसके जवाब में एंड्र्यू ने लिखा कि उन्हें महिला से मिलने में खुशी होगी। प्रिंस एंड्रयू से शाही खिताब छीन लिए गए थे ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने पिछले साल अक्टूबर में अपने छोटे भाई एंड्रयू से ‘प्रिंस’ का खिताब और सभी शाही उपाधियां वापस ले लिए थी। उन्हें विंडसर स्थित उनके आलीशान घर ‘रॉयल लॉज’ को भी खाली करने का आदेश दिया गया। पीड़िता वर्जिनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब प्रिंस एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था। 65 साल एंड्रयू दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ के दूसरे बेटे हैं। एंड्रयू का नाम लंबे समय से अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा रहा है। एंड्रयू को ड्यूक ऑफ यॉर्क का खिताब इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया था। बकिंघम पैलेस ने बताया था कि शाही उपाधियां छिन जाने के बाद अब प्रिंस एंड्रयू को ‘एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर’ के नाम से जाना जाएगा। अभी तक प्रिंस एंड्यू को ‘प्रिंस एंड्रयू ड्यूक ऑफ आर्क’ नाम से जाना जाता था। माउंटबेटन-विंडसर नाम 1960 में बनाया गया था। यह नाम ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और उनके पति प्रिंस फिलिप दोनों के पारिवारिक नामों को मिलाकर बना है। आरोप लगाने वाली वर्जिनिया की मौत प्रिंस एंड्रयू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली वर्जिनिया गिफ्रे की अप्रैल 2025 में मौत हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने आत्महत्या की। वर्जिनिया (41 साल) ने साल 2011 में अमेरिका के हाई प्रोफाइल वेश्यावृत्ति नेटवर्क का खुलासा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। वर्जिनिया ने अपने साथ हुए यौन शोषण और तस्करी का खुलासा किया था। उसने कहा था कि जब वह सिर्फ 15 साल की थी, तभी एपस्टीन के नेटवर्क में फंस गई थीं। उसे कई प्रभावशाली और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इसी इंटरव्यू में वर्जिनिया ने ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के साथ अपनी मुलाकातों का भी जिक्र किया था। प्रिंस एंड्रयू की पत्नी सारा फर्ग्यूसन की तस्वीर भी सामने आई थी
लड़कियों को सेक्स रिलेशन बनाने पर मजबूर किया जाता था दस्तावेजों के मुताबिक, जब कोई लड़की एपस्टीन के पाम बीच स्थित घर पहुंचती थी, तो उसे एपस्टीन की प्राइवेट गाड़ी से लाया जाता था। घर पहुंचने पर एक सहायक लड़की की निजी जानकारी नोट करता था। इसके बाद उसे सीढ़ियों से ऊपर एक ऐसे कमरे में ले जाया जाता था, जहां शॉवर और मसाज टेबल होती थी। अगर लड़की पहली बार आई होती थी, तो कमरे में पहले से एक और लड़की मौजूद रहती थी, जो उसे बताती थी कि क्या करना है। इसके बाद एपस्टीन उस लड़की को बाहर भेज देता था। एपस्टीन लड़कियों को साफ-साफ बताता था कि उसे क्या चाहिए और कैसे चाहिए। वह उन्हें कपड़े उतारने के लिए कहता था और उनके साथ अश्लील हरकतें करता था। कई बार वह लड़कियों को एक-दूसरे के साथ सेक्स रिलेशन बनाने के लिए मजबूर करता था। शिकायत दर्ज कराने वाली लड़की ने बताया कि उसकी पहचान एपस्टीन से 15 साल की उम्र में कराई गई थी। हर बार शोषण के बाद एपस्टीन उसे 200 डॉलर देता था और किसी सहायक के जरिए घर के बाहर भिजवा देता था। लड़की ने यह भी आरोप लगाया कि एपस्टीन और उसके लोग उसे घर पर फोन करते थे। अगर वह फोन नहीं उठाती थी, तो वे ये पता करने की कोशिश करते थे कि वह कहां है। उस पर दूसरी नाबालिग लड़कियों को लाने का दबाव भी डाला जाता था और मना करने पर धमकाया जाता था।

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