ब्लड का सौदागर कैमरे में कैद, 1यूनिट के बदले 4000:दलाल को पकड़ने जगह फिक्स की, सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए, 30 मिनट तक उलझाया

सतना में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने खून की दलाली कर रहे एक और युवक का शनिवार को स्टिंग ऑपरेशन किया। इसमें पुलिस की मदद से एक दलाल को रंगे हाथ पकड़ा गया। ये दलाल 4 हजार रुपए में एक यूनिट ब्लड अरेंज करवाने को राजी हुआ था। दैनिक भास्कर की टीम ने भी इस स्टिंग में मदद की। अब पुलिस दलाल से यह पता कर रही है कि आखिर यह पूरा नेटवर्क ऑपरेट कैसे होता था। जिला अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित 5 बच्चों को HIV पॉजिटिव ब्लड चढ़ाए जाने का मामला सामने आने के बाद इन दो खुलासों ने यहां के हालात को उजागर किया है। एसडीएम सिलाडिया शनिवार सुबह करीब 11.14 बजे शहर के सर्किट हाउस पहुंचे। यहां खून की दलाली करने वालों को पकड़ने की बात कही। पूरा प्लान पुलिस और दैनिक भास्कर रिपोर्टर की मौजूदगी में तैयार हुआ। पहले चार तस्वीरों में देखिए कैसे आया गिरफ्त में… डमी खरीदार को नोट देकर ब्लड खरीदने भेजा एसडीएम ने कैमरे के सामने कुछ नोट गिने। इनके सीरियल नंबर कैमरे में कैद किए। इसके बाद डमी खरीदार को नोट दिए। डमी खरीदार ने दलाल से फोन पर बात की और उसे बताया कि गांव से वह सर्किट हाउस चौक पहुंच गया है। यह पूरी बातचीत रिकॉर्ड की गई। इसके बाद दलाल बाइक नंबर MP19-MX-5510 से सर्किट हाउस आया। डमी खरीदार अपने एक साथी के साथ दलाल से मिला। रोड पर ही खड़े खड़े लगभग 30 मिनट तक बातचीत चलती रही और ब्लड देने के एवज में 4000 रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद दलाल डमी खरीदार को सड़क के दूसरी तरफ जहां उसकी बाइक खड़ी थी, वहां ले गया। यहां डमी खरीदार से 4000 रुपए लेकर जेब में रखा। दलाल ने जैसे ही बाइक स्टार्ट की, पहले से सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मी एवं एसडीएम के ड्राइवर ने दलाल को पकड़ लिया। पूरे स्टिंग ऑपरेशन को दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। एसडीएम सिलाडिया की मौजूदगी में दलाल को सर्किट हाउस के अंदर ले कर आया गया। इसके बाद उसके जेब की तलाशी ली गई, जिससे 500 के वही 8 नोट निकले, जिनके सीरियल नंबर स्टिंग के पहले रिकॉर्ड किए गए थे। खून की दलाली से जुड़े 5 और संदिग्ध चिह्नित एसडीएम राहुल सिलाडिया ने बताया कि शुक्रवार को ही जिला अस्पताल में खून की दलाली से जुड़े 5 नए संदिग्ध चिह्नित किए गए थे। संदिग्धों पर प्रशासन की नजर है, इसी सिलसिले में वे शुक्रवार को भी जिला अस्पताल पहुंचे। एसडीएम ने ब्लड बैंक के साथ अस्पताल परिसर में घूमकर लोगों की गतिविधियों का जायजा लिया था। इसी दौरान एसडीएम को शिवम वर्मा नामक दलाल का पता चला। दलाल को फंसाने ऐसा बना प्लान एसडीएम ने शुक्रवार की ही रात खून के दलाल शिवम वर्मा को पकड़ने का प्लान पुलिस के साथ बना लिया था। जगह भी सर्किट हाउस चुन ली गई थी। स्टिंग के लिए स्थान बदलना करना जरूरी था, क्योंकि 18 दिसंबर को जिला अस्पताल परिसर में किए गए स्टिंग के बाद आसपास सक्रिय दलाल अलर्ट हो गए थे। शनिवार की सुबह 10.30 बजे एसडीएम एवं सादी वर्दी में पुलिस के अलावा डमी खरीदार सर्किट हाउस पहुंच गए। वहां से डमी खरीदार ने दलाल से बात की और बताया कि वह गांव से पत्नी को लेकर सतना आ रहा है। उसे ब्लड की आवश्यकता है। शिवम ने सब बात तय कर उसे सतना पहुंचने पर फोन करने के लिए कहा। थोड़ी देर बाद डमी खरीदार ने फोन किया और दलाल को सर्किट हाउस चौक बुला लिया। 5 बार दे चुका है ब्लड ब्लड दलाली के खिलाफ मुहिम चला रहे एसडीएम सिलाडिया ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने जिला अस्पताल का जायजा लिया था। ब्लड बैंक से तब पता चला कि शिवम वर्मा पिता रामदयाल (26) निवासी पवैया नामक युवक 5 बार ब्लड दिला चुका है। बी पॉजिटिव ब्लड उसने 2, 23 और 26 अगस्त को दिलाया था, इसी तरह एबी पॉजिटिव ब्लड 1 जून और 17 अक्टूबर को शिवम ने दिलाया था। पकड़े जाने के बाद शिवम ने जिस विजय का नाम लिया है, ब्लड बैंक के रजिस्टर में हर बार विजय का ही मोबाइल नंबर दर्ज है। स्टिंग कर किया था खुलासा 18 दिसंबर को प्रशासन-पुलिस की संयुक्त टीम ने जिला अस्पताल में स्टिंग कर खून की दलाली से जुड़े होने पर रजनीश साहू, मोहम्मद कैफ और अनिल गुप्ता को गिरफ्तार कर बीएनएसएस की धारा 172 के तहत कार्रवाई करते हुए सक्षम न्यायालय में पेश आरोपियों को जेल भेज दिया था। ये खबर भी पढ़िए… SDM ने किया स्टिंग, खून के 3 दलाल पकड़े:सतना में साढ़े 4 हजार रुपए में सौदा तय किया; भास्कर के कैमरे में चेहरे कैद सतना में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने खून की दलाली कर रहे लोगों का स्टिंग ऑपरेशन किया। इसमें पुलिस की मदद से तीन दलालों को रंगे हाथ पकड़ा। ये दलाल साढ़े 4 हजार रुपए में एक यूनिट ब्लड अरेंज करवाने को राजी हुए थे। दैनिक भास्कर की टीम ने भी इस स्टिंग में मदद की। अब पुलिस दलालों से यह पता कर रही है कि आखिर यह पूरा नेटवर्क ऑपरेट कैसे होता था। पूरी खबर पढ़िए…

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