ब्लूटूथ से नकल करके नौकरी, फिर गिरफ्तारी की कहानी:सालासर में बैठी गैंग लिखवा रही थी जवाब, एक गलती से खुला हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती में फर्जीवाड़ा

हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा 2022 में पोरव कालेर गैंग ने माइक्रो ब्लूटूथ से नकल कराई थी। नकलची अभ्यर्थियों का चयन भी हो गया। वे प्रदेश के विभिन्न कोर्ट में बतौर लिपिक नौकरी कर रहे थे। एसओजी को मिले एक इनपुट ने इनके राज से पर्दा उठा दिया। 3 महीने की इंवेस्टिगेशन के बाद अब तक 3 महिलाओं सहित 9 एलडीसी गिरफ्त में आ चुके हैं। केस में 30 अन्य आरोपी भी एसओजी के रडार पर हैं। इनमें चयनित एलडीसी व नकल गिरोह के सदस्य शामिल हैं। पढ़िए नकल से नौकरी और फिर गिरफ्तारी की कहानी… नकल के 18 से 20 लाख लिए
हाईकोर्ट एलडीसी परीक्षा में गिरोह ने नकल को शातिर तरीके से अंदाज दिया। ईएनटी एक्सपर्ट की मदद से परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के कानों में माइक्रो ब्लूटूथ फिट किए थे। ब्लूटूथ से जिन्हें नकल कराई, उनका चयन भी हो गया। वे सभी सरकारी नौकरी कर रहे थे। इधर, ईओ–आरओ भर्ती– 2022 पेपर लीक व नकल केस मामले में एसओजी ने बीकानेर निवासी पोरव कालेर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि उसी ने हाई कोर्ट एलडीसी भर्ती 2022 में भी ब्लूटूथ से नकल कराई थी। पोरव ने कबूला कि उसने 18 से 20 लाख रुपए लेकर अभ्यर्थियों को नकल करवाई। पोरव ने नकल वाले अभ्यर्थियों के नाम भी बताए। एडिशनल एसपी हरिप्रसाद सोमानी के नेतृत्व में मामले में जांच शुरू की गई। जांच में एसओजी ने 26 एलडीसी को नामजद किया। सिमकार्ड से खुला राज
नकल करके नौकरी लगे अभ्यर्थी बेफिक्र थे कि पुलिस उन तक कभी भी नहीं पहुंच पाएगी। एसओजी की जांच ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पोरव कालेर से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद एसओजी ने सीडीआर और बीटीएस के तकनीकी विश्लेषण की मदद से नकल कर नौकरी लगे एलडीसी की पहचान की। बीटीएस यानी बेस ट्रांसीवर स्टेशन : आसान भाषा में इसे इस तरह समझ सकते हैं कि एसओजी ने इसके लिए एग्जाम सेंटर के नजदीक लगे मोबाइल टावर से परीक्षा के दौरान एक्टिव नंबरों के डाटा की जांच की। इन मोबाइल नंबरों में कुछ संदिग्ध लगे। ये परीक्षा समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लगातार एक्टिव थे। इन सभी नंबर पर सालासर से कॉल किए गए थे। ये मोबाइल सिम नंबर उन परीक्षार्थियों के ही निकले जिनका नाम पोरव कालेर ने एसओजी को बताया था। दो घंटे तक लगातार बातचीत, केवल इनकमिंग कॉल
एसओजी की जांच में सामने आया कि ये सिम कार्ड पकड़े गए एलडीसी के नाम से ही इश्यू हुए थे। इन सिमकार्ड को परीक्षा से कुछ दिनों पहले ही खरीद कर एक्टिव किया गया था। ऐसे में माना जा रहा है कि ये सिमकार्ड नकल के लिए ही खरीदे गए थे। परीक्षा शुरू होने से 3 से पांच मिनट पहले ही इन अभ्यर्थियों की सिम पर गैंग ने कॉल कर दिया था। सीडीआर की जांच में सामने आया कि परीक्षा खत्म होने तक 7 हजार 300 सेकेंड से अधिक समय तक लगातार बात हुई। इन सिम के नंबर पर परीक्षा के दिन केवल इनकमिंग कॉल ही दर्ज हुई। इन तकनीकी सबूतों को एसओजी ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत माना है। एसओजी की रिपोर्ट पर बर्खास्तगी की तैयारी
एसओजी के एडिशनल एसपी डॉ. हरिप्रसाद सोमानी ने 28 जनवरी को 28 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया। एसओजी अब गिरफ्तार एलडीसी के बारे में संबंधित कोर्ट को दुराचरण रिपोर्ट तैयार कर भेजने में जुटी है। ताकि इन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा सके। शिनाख्त करने के बाद एक साथ दी गई दबिश
एसओजी ने सभी आरोपी एलडीसी को एक साथ गिरफ्तार करने के लिए रणनीति तैयार की। डीआईजी परिस देशमुख ने संबंधित जिलों के एसपी से बात कर आरोपी एलडीसी को उनके ऑफिस से ही गिरफ्तार करने की योजना बनाई। एसओजी ने स्थानीय पुलिस की 10 टीमों की मदद से एलडीसी को वेरीफाई किया। उसके बाद उन्हें ऑफिस से हिरासत में ले लिया। एसओजी टीम ने आरोपी एलडीसी को कहा– चलिए, एलडीसी भर्ती परीक्षा केस में आपसे पूछताछ करनी है। एसओजी के शिकंजे में आने के बाद किसी आरोपी ने विरोध नहीं किया। टीमें इन्हें जयपुर लेकर आई और गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सभी आरोपी अभी एसओजी की रिमांड पर हैं। बड़ा सवाल : पाेरव कालेर को कैसे और कहां से मिला पेपर ?
एसओजी अब इस मामले में पोरव कालेर को जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी। उससे एलडीसी भर्ती परीक्षा को लेकर पूछताछ की जाएगी। एसओजी ने पोरव कालेर से पूछताछ के लिए सवालों की लिस्ट तैयार कर ली है। जैसे- भर्ती परीक्षा का पेपर कहां से और कब मिला? पेपर किन लोगों से सॉल्व कराया। गिरोह में कौन–कौन शामिल हैं, जिन्होंने अभ्यर्थियों को फोन पर आंसर बताएं? ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब के आधार पर एसओजी की जांच आगे बढ़ेगी। बड़ी चुनौती : ब्लूटूथ डिवाइस व सिम बरामद करना
एसओजी के लिए अब अगली चुनौती आरोपियों से एग्जाम के दौरान इस्तेमाल किए गए माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस व उपयोग में लिए गए सिम कार्ड बरामद करना है। टीम ने गिरफ्तार एलडीसी के मोबाइल मय सिम कार्ड जब्त किए हैं। उनकी भी जांच की जा रही है। एसओजी का मानना है कि पोरव गिरोह ने ही एक साथ सभी अभ्यर्थियों के लिए ब्लूटूथ डिवाइस खरीदे। इन्हें एक्टिव करने के बाद अभ्यर्थियों को दिए। एसओजी को इन डिवाइस को नष्ट करने का भी अंदेशा है। इन डिवाइस के बारे में आरोपी एलडीसी से पूछताछ की जा रही है। दूसरी आशंका यह भी है कि पोरव कालेर ने इन्हें भविष्य में किसी और पेपर में नकल में इस्तेमाल करने के लिए छिपा कर रखा हो। हाईटेक ब्लूट्रूथ डिवाइस कहां से खरीदे गए और अब कहां है? एसओजी इस सवाल का जवाब पोरव कालेर से जानना चाहेगी। सालासर में एक रूम से कराई सभी अभ्यर्थियों को नकल
एसओजी की प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पोरव कालेर ने अपने गिरोह की मदद से सालासर के एक रूम से सभी अभ्यर्थियों को नकल कराई। एसओजी की जांच में भी कॉल सालासर से किए जाने की पुष्टि हुई है। गिरोह के सदस्य फोन के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर बता रहे थे। एसओजी ने 30 से अधिक मोबाइल नंबर की पहचान की है। इन मोबाइल नंबर से जुड़े संबंधित व्यक्तियों के बारे में जांच की जा रही है। अब गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी होने की संभावना है। हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा 12 और 19 मार्च 2023 को हुई थी। जोधपुर हाईकोर्ट ने ये परीक्षा 2800 पदों के लिए कराई थी। रिजल्ट 11 जून 2023 को जारी किया गया। भर्ती परीक्षा में नकल की यह खबर भी पढ़िए… विदेश से मंगवाए ब्लूटूथ से हाईकोर्ट एलडीसी-परीक्षा में करवाई नकल:चीटिंग कर नौकरी पर लगे 9 कर्मचारी पकड़े; रीट-पटवारी एग्जाम में नकल करवा चुका है सरगना रीट और पटवारी परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करवाने वाले सरगना पौरव कालेर ने हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में भी चीटिंग करवाई थी। इस मामले में एसओजी ने 9 जूनियर असिस्टेंट और एलडीसी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पौरव ने इन्हें ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करवाई थी। ये ब्लूटूथ डिवाइस उसने विदेश से मंगवाई थी। (पूरी खबर पढ़ें)

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