भक्तों के सहयोग से लग रहा अलग-अलग व्यंंजनों का भोग

भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा मलमास दानपुण्य के नाम से जाना जाता है। इस महीने दानपुण्य का विशेष महत्व होने से लोग मंदिरों, गोशालाओं, जरूरतमंदों आदि को खाद्य सामग्री, वस्त्र, गायों को चारा आदि खिलाकर सेवा कार्य कर रहे हैं। नेहरू रोड स्थित शहर के एक मात्र रोकड़िया गणेश मंदिर में 16 दिसंबर से 13 जनवरी तक पौषबड़ा महोत्सव मनाया जा रहा है। पूरे महीने भक्तों के सहयोग से अलग-अलग व्यंजन बनाए जा रहे हैं। संध्या आरती के बाद भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जा रहा है। प्रसाद वितरिण बच्चों से शुरू किया जाता है। रोज 1500 से 2000 श्रद्धालु रोकड़िया गणेश मंदिर प्रसाद लेने पहुंचते हैं। पूरे मलमास में भक्तों के सहयोग से अलग-अलग व्यंजन बनाए जा रहे हैं। मंदिर के हलवाई छत पर 60 से 70 किलो प्रसाद तैयार किया जाता है। शाम करीब सवा 6 बजे आरती के बाद भोग लगाकर 9 बजे तक प्रसाद बांटा जाता है। पहले आधा-पौन घंटे तक बच्चों को वितरित किया जाता है। उसके बाद महिलाओं व पुरुषों को प्रसाद बांटा जाता है। प्रसाद जिस भक्त की ओर से तैयार कराया जाता है, उसके परिवार के सदस्य ही प्रसाद वितरित करते हैं। अगले साल बसंत पंचमी पर कराएंगे 365 जोड़ों का सामूहिक विवाह… शिव बालाजी एवं रोकड़िया गणेश मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष प्रकाश शाह के अनुसार अगले साल 2026 में सर्व सनातन धर्म का सामूहिक विवाह सम्मेलन मंदिर द्वारा कराया जाएगा। इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में परिणय सूत्र में बंधने वाले 365 जोड़ों से प्रति जोड़ा 365 रुपए लिए जाएंगे। सर्व सनातन धर्म सामूहिक विवाह मंदिर के आसपास स्थित सार्वजनिक स्थल पर ही रखा जाएगा। मंदिर में वर्ष 2005 से विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं, जो अनवरत जारी है।

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