भास्कर न्यूज | कोरबा शहर के पुराना बस स्टैंड के पीछे लक्ष्मी निवास में सोमवार को मां भगवती के महिषासुर संहार की कथा सुनाते कथावाचक पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि जीवन में सफल लोग आदिशक्ति की किसी न किसी रूप की पूजा से जुड़े हैं। मां भगवती की कृपा मात्र से सभी कष्टों का निवारण संभव है। इससे जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। व्यासपीठ से कथावाचक शर्मा ने महिषासुर जन्म कथा, देवी के प्रादुर्भाव संवाद की कथा विस्तार से कही। उन्होंने कहा कि 18 पुराणों में देवी भागवत पुराण उसी प्रकार सर्वोत्तम है, जिस प्रकार नदियों में गंगा, देवों में शंकर, काव्यों में रामायण, प्रकाश में सूर्य, शीतलता में चंद्रमा, कर्मशीलों में पृथ्वी, गंभीरता में सागर और मंत्रों में गायत्री मंत्र श्रेष्ठ हैं। एकाध श्लोक का उच्चारण करने वाला भक्त भी मां भगवती की कृपा का पात्र बन जाता है। नवरात्र में माता की विशेष कृपा जीवन में शुभ मंगल को बढ़ाती है। जितना भी समय मिले, मां भगवती के नाम का स्मरण करें। मां भगवती ही सभी के भीतर है, इनसे ही संपूर्ण संसार प्रकट होता है। इसीलिए इन्हें परम तत्व भी कहते हैं। सभी यज्ञों में भी इनकी आराधना की जाती है। मां सिद्धिदात्री तीर्थ सेवा समिति कोरबा के धार्मिक आयोजन श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में कथा सुनने चौथे दिवस श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। अंत में महाआरती हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटे गए। 6 फरवरी को कथा विश्राम के बाद हवन-पूजन होगा श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में 4 फरवरी को शुंभ-निशुंभ वध, वृत्तासुर संहार, 5 फरवरी को सावित्री सत्यवान कथा, हरिशचंद्र कथा श्रद्धालु सुन पाएंगे। 6 फरवरी को गंगा, लक्ष्मी, सरस्वती व तुलसी चरित्र की कथा के बाद हवन-पूजन, सहस्त्रधारा, पूर्णाहूति, ब्राम्हण भोज के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।


