भास्कर न्यूज | पुरूर छत्तीसगढ़ के केंवट निषाद समाज परिक्षेत्र फागुनदाह ने रविवार को ग्राम चिटौद में शिरोमणि भक्त गुहा निषादराज जयंती मनाई। इस अवसर पर समाज की प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और भक्त गुहा निषादराज की पूजा एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद समाज की महिलाओं ने कलश यात्रा में भगवान श्रीराम की झांकी निकाली। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवारी ने कहा कि भक्त गुहा निषादराज केवल निषाद समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण सनातन संस्कृति के गौरव हैं। उनकी भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति, सेवा और सामाजिक समानता की भावना अनुकरणीय है। परिक्षेत्र अध्यक्ष पदुम राम निषाद ने भक्त गुहा निषादराज के जीवन पर की जानकारी देते हुए कहा कि यह दिन निषाद समुदाय के लिए संघर्ष, संकल्प और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने 22 जनवरी को गुरूर में होने वाले तहसील स्तरीय कार्यक्रम में समाज के अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील भी की। निषाद समाज ने हमेशा जनहित में ही काम करते हैं: अतिथि जनपद अध्यक्ष सुनीता साहू ने कहा कि भगवान राम को जब 14 वर्ष का वनवास हुआ तब गुहा निषादराज ने रामजी का पैर धोकर नाव मे बिठाकर समुद्र को पार कराया था। तब से निषाद समाज भगवान राम अपने आराध्य देव मानते है। जनपद सदस्य प्रमिला साहू ने कहा कि आज सभी समाज के लोग अपने अलग-अलग समाज के आराध्य देव को मानते है।


