भास्कर न्यूज | जालंधर श्री चैतन्य महाप्रभु राधा माधव मंदिर में भक्तों की ओर से नृसिंह भगवान का प्रकटोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। केवल कृष्ण ने श्रीमद्भागवत में से भक्त प्रह्लाद के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रह्लाद पर बहुत अत्याचार किए, लेकिन प्रह्लाद का कुछ भी बिगाड़ न सका। खंभा किसी का मां-बाप नहीं होता, किन्तु अपने भक्त की बात को सच करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ही नृसिंह रूप लेकर खंभे में से प्रकट हुए और उन्होंने हिरण्यकश्यप का उद्धार किया। इस अवसर पर चकदहा (पश्चिम बंगाल) जगन्नाथ मंदिर से विशेष रूप से आए बलराम दास ब्रह्मचारी प्रभु से सभी भक्तों ने भगवान जगन्नाथ जी की लीला श्रवण की। इससे पहले संकीर्तन का शुभारंभ केवल कृष्ण, अमित चड्ढा, राजेश शर्मा, मनोज कौशल, सुरेश, गौर, कृष्ण गोपाल, रोहित शर्मा, पुरुषोत्तम, गोवर्धन व शाश्वत ने गुरु वंदना और वैष्णव वंदना द्वारा किया। मंदिर के प्रधान अमित चड्ढा ने कहा कि गुरु, वैष्णव और भगवान का सुमिरन करने से सब प्रकार के विघ्न दूर हो जाते हैं और बहुत जल्द भगवान की भक्ति प्राप्त होती है। मंदिर के महासचिव राजेश शर्मा ने सूर्यास्त के साथ ही श्री जयदेव गोस्वामी द्वारा रचित दशावतार स्रोत का कीर्तन किया और पुजारियों ने पंचामृत से नृसिंह भगवान का अभिषेक किया। यहां रेवती रमन गुप्ता, अजीत तलवाड़, तरसेम लाल गुप्ता, नरिंदर गुप्ता, राम भजन पाण्डेय, कपिल शर्मा, मिंटू कश्यप, अजय अग्रवाल, राजीव ढींगरा, सत्यव्रत गुप्ता, राजन गुप्ता, डॉ. मनीष अग्रवाल, देवेंद्र शर्मा, हेमंत थापर, विजय सग्गड़, ओम भंडारी, राजेंद्र लूथरा, ललित अरोड़ा, केशव अग्रवाल, चंद्र मोहन राय, विशाल भल्ला, राकेश चोपड़ा व अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।


