भक्त शिरोमणि मीराबाई की 525वीं जयंती पर तीन दिनों तक चित्तौड़गढ़ में महोत्सव होगा। संगीत नाटक एकेडमी दिल्ली, जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग के सहयोग से यह आयोजन 21 से 23 दिसंबर को दुर्ग के फतह प्रकाश महल में होगा। इस दौरान देश विदेश से लोक कलाकार आएंगे, जो मीराबाई से संबंधित अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं, जिला प्रशासन भी भी अपनी तरफ से तैयारियां कर रहे है। मीरा महोत्सव का उद्घाटन 21 दिसंबर की शाम छह बजे बजे केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत के मुख्य आतिथ्य और संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉक्टर संध्या पूरेचा की उपस्थिति में होगा। इस दिन दयाराम भांड, रमा शंकर, स्नेहा शंकर, पमेला जैन और सुमित्रा गुहा की प्रस्तुतियां होंगी। अगले दिन 22 दिसंबर को सुबह 11 बजे मीरा मंदिर में संगोष्ठी होगी। शाम को अनुज मिश्रा, शेखर सेन और लता सिंह मुंशी के कार्यक्रम होंगे। आखिरी दिन 23 दिसंबर को प्रसिद्व कलाकार सुरेश वाडेकर, पंडित जयकिशन महाराज और केके रामचंद्र पुलावर मीराबाई से संबंधित प्रस्तुतियां देंगे। इधर इस आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। ये भी प्रयास हो रहा है कि महोत्सव में दोपहर के समय भी मीराबाई से जुड़ी नाटय नाटिकाएं आदि की प्रस्तुतियां भी कराई जा सकती है, जिससे दिन में आने वाले पर्यटकों को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सके। गौरतलब है कि मीराबाई के 525 वीं जयंती पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने मीराबाई के जीवन से जुड़े चार स्थलों जन्मस्थल मेड़ता, विवाह स्थल चित्तौड़गढ़, भक्ति स्थल वृन्दावन, निर्वाणस्थली द्वारिका पर बड़े कार्यक्रम करने का निर्णय ले रखा है। इसके चित्तौड़गढ़ में भी आगामी 21, 22 एवं 23 दिसम्बर को कार्यक्रम हो रहे हैं। जयंती कार्यक्रम के तहत देश के 70 से अधिक स्कूलों, यूनिवर्सिटी और कालेज में कला धरोहर इसमें मीराबाई पर प्रस्तुतियां व कार्यशालाएं के आयोजन किए जा रहे हैं। अकादमी की पत्रिका संगना का मीराबाई विशेषांक जारी किया जाएगा। द्वारका और मेडता में दो दिवसीय मीरा महोत्सव आयोजित किए गए। ये भी उल्लेखनीय है कि मीराबाई पर हर साल मीरा स्मृति संस्थान भी शरद पूर्णिमा पर मीरा महोत्सव का आयोजन किया जाता है।


