भास्कर न्यूज | लुधियाना महानगर में आयोजित 49वें विराट धर्म सम्मेलन-महायज्ञ का चौथा दिन भक्ति भरा रहा। कथा व्यास रविनंदन शास्त्री ने जब भगवान श्री कृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया तो पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति भाव में ऐसे विभोर हुए कि पंडाल में ही नृत्य करने लगे जिससे पूरा वातावरण गोकुल की खुशियों जैसा प्रतीत होने लगा। कथा के दौरान शास्त्री ने वामन अवतार, राजा बलि संवाद, पूतना वध और माखन चोरी की लीलाओं का ऐसा मनोहारी वर्णन किया कि भक्त भावुक हो उठे। विशेषकर जब उन्होंने बताया कि कैसे नन्हे कान्हा ने मिट्टी खाकर यशोदा मैया को अपने मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन कराए तो हर कोई भक्ति के सागर में डूब गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसार की समस्त संपत्तियां और सुख केवल प्रभु भजन से ही संभव हैं। दान की महत्ता समझाते हुए उन्होंने सचेत किया कि दान हमेशा योग्य पात्र को ही देना चाहिए, क्योंकि गलत हाथों में दिया गया दान पुण्य के बजाय अनिष्ट का कारण बनता है। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ अनंत विभूति 1008 महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज के सान्निध्य में राजेश एवं किरण परिवार द्वारा ज्योति प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरिन्द्र डाबर, समाजसेवी राजेश जैन बॉवी और कांग्रेस नेता पारुल मल्होत्रा सहित कई गणमान्य विभूतियों ने महायज्ञ में आहुति डालकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान कांसल परिवार, किरण चोपड़ा और अन्य सेवादारों ने ध्वजारोहण की रस्म अदा की। कथा के विश्राम पर स्वामी प्रिया भारती और स्वामी अमिता भारती सहित अन्य संतों ने भागवत आरती उतारी। अंत में आयोजक सुंदर दास मोंगा, साहिल खुराना और नरेश बांसल की टीम ने आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।


