भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जिले में संचालित कई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिर्फ रेफर सेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। जिन बीमारियों का उपचार वहां संभव है, ऐसे मरीजों को भी रेफर कर जिला अस्पताल भेज दिया जा रहा है। सीएचसी और पीएससी से रेफर मरीजों की वजह से जिला अस्पताल का बेड फुल हो चुका है। गुरूवार को स्थिति यह बन गई थी कि नए भर्ती मरीजों को एमसीएच (मातृत्व एवं शिशु अस्पताल) के खाली बेड में भर्ती किया जा रहा था। वहीं पुरूष वार्ड के बाहर बरामदे में तीन बेड लगाकर वहां भी मरीज भर्ती किए गए थे। डॉक्टरों ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों में से अधिकांश जिले के दूसरे अस्पतालों से रेफर किए गए मरीज हैं। अब बेड कम पड़ने की वजह से नए मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था बनानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में जहां भी जगह है, वहां बेड लगाए जा रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की भीड़ चल रही है। बेड की स्थिति को देखते हुए स्थानीय मरीजों को बहुत जरूरत पड़ने पर ही भर्ती किया जा रहा है। दस बेड का आइसोलेशन वार्ड है, जरूरत पड़ने पर उसे भी खोला जाएगा।


