भरतपुर के पशु पालन विभाग कार्यालय में हंगामा हो गया। आरोप है कि जसवंत प्रदर्शनी के लिए दुकानों की नीलामी में गड़बड़ी की जा रही है। दुकान लेने के लिए व्यापारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि नीलामी में कुछ दलाल आये हैं, जो कई दुकानों को नीलामी में खरीद रहे हैं। इसके बाद वही दलाल व्यापारियों को दुकानें ज्यादा कीमत पर बेचेंगे। 346 दुकानों की नीलामी की जा रही
पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर राम किशन महावर ने बताया कि जसवंत प्रदर्शनी के लिए 346 दुकानों की नीलामी की जा रही हैं। सभी दुकानों को अलग-अलग पार्ट में बांटा गया है। नीलामी में भाग लेने से पहले फीस जमा करवानी पड़ती है। उसके बाद व्यापारी दुकान के लिए बोली लगा सकता है। व्यापारी 1 रसीद पर 2 दुकानें ले सकता है। अगर कोई भी व्यापारी दुकान खरीदने के बाद दूसरे व्यापारी को बेचता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दुकानों को चेक किया जाएगा। एक ही व्यापारी को दी 8 दुकानें
व्यापारी राजेश मुंद्रा ने बताया कि नीलामी में आये लोग 10-10 दुकानों पर बोली लगा रहे हैं। एक व्यापारी 1 या 2 दुकान में बोली लगा सके तो ठीक रहेगा। क्योंकि एक व्यापारी एक या दो जगह व्यापार कर सकता है, वह 10 जगह व्यापार नहीं कर सकता। कुछ देर पहले ही एक व्यापारी ने 7 से 8 दुकानें खरीद ली। अधिकारी भी एक ही व्यापारी को कई कई दुकानें दे रहे हैं। पशुपालन विभाग द्वारा पहले व्यापारी का सत्यापन कर लिया जाए, क्योंकि चाट, खजला, कंबल जैसी दुकानें लगाने के लिए 3 दुकानों की जरूरत होती है। लेकिन अधिकारी व्यापारी का सत्यापन भी नहीं कर रहे।


