भरतपुर नगर निगम ने अपने 65 वार्डों का दायरा बढ़ा दिया है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ही वार्डों का परिसीमन होने के कारण वार्डों की संख्या 65 रखी गई है। लेकिन 65 वार्डों में अब 33 नए गांव को जोड़ा गया है। इसके लिए 17 अप्रैल तक आपत्ति मांगी गई हैं। स्वायत्त शासन विभाग के आदेश पर जिला प्रशासन की ओर से परिसीमन के बाद वार्डों का क्षेत्र तय कर दिया गया है। जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव की ओर से जारी आदेश के अनुसार परिसीमन के बाद वार्डों के क्षेत्र का प्रकाशन किया जा चुका है। अब 17 अप्रैल तक आपत्ति मांगी गई हैं। आपत्तियों के बाद अंतिम प्रकाशन होगा। उसके बाद ही नगर निगम के आगामी चुनाव होंगे। वार्डों की संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। जिसके कारण वार्ड बड़े हो गए हैं। इस बार परिसीमन में शामिल सूची के अनुसार हर वार्ड में आबादी 3500 से 6000 के बीच रखी गई है। ऐसे में आकलन है कि कम से कम हर वार्ड में 1200-1500 से लेकर 1600-1800 के बीच मतदाताओं की संख्या हो सकती है। इन गांवों को किया शामिल नगर निगम के सीमा क्षेत्र का विस्तार होने के बाद अब ग्राम पंचायत का राजस्व गांव बछामदी, बरेला का नगला, नगला कसौटा एवं नगला हींस का संपूर्ण सीमा क्षेत्र, ग्राम पंचायत बरसो के राजस्व गांव बरसो के साथ जाटौली घना, नगला गोपाल आराजी सालगा का संपूर्ण क्षेत्र, ग्राम पंचायत मडरपुर का राजस्व गांव मडरपुर, बराखुर, जिरौली एवं नगला लोधा का संपूर्ण सीमा क्षेत्र, ग्राम पंचायत मलाह के राजस्व गांव मलाह के साथ नगला झीलरा का संपूर्ण सीमा क्षेत्र, ग्राम पंचायत रामपुरा के राजस्व गांव रामपुरा के साथ नगला सैह, मडौली, नगला तेरहिया का संपूर्ण क्षेत्र, ग्राम पंचायत मुरवारा के राजस्व गांव मुरवारा के साथ चक मुरवारा, अचलपुरा, मुण्डवा, गिरधरपुर, अड्डी एवं चक भांडोर का संपूर्ण क्षेत्र, ग्राम पंचायत तुहिया के राजस्व गांव तुहिया के साथ टोंटपुर, भाडौर, घना भाडौर, चक घना भाडौर, नगला करन सिंह एवं चक नगला करन सिंह का संपूर्ण सीमा क्षेत्र तथा ग्राम पंचायत जघीना के राजस्व गांव भवनपुरा का सम्पूर्ण सीमा क्षेत्र अब भरतपुर नगर निगम के सीमा क्षेत्र में शामिल हुए हैं।


