भरतपुर जिले के भुसावर इलाके में UGC एक्ट 2026 के विरोध में आज बाजार बंद रहे। सर्वण समाज के लोगों ने रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और SDM को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और आरोप लगाया गया कि यह कानून समाज में विभाजन बढ़ाने वाला है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाई है। UGC एक्ट के विरोध में बाजार बंद, रैली निकाली भुसावर क्षेत्र में UGC कानून के खिलाफ सर्वण समाज के आह्वान पर बाजार पूरी तरह बंद रहे। समाज के लोग एकत्रित हुए और रैली निकालकर विरोध जताया। रैली के बाद SDM कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा गया। सरकार पर समाज में विभाजन बढ़ाने का आरोप प्रदर्शन कर रहे लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। समाज के लोगों का कहना था कि सरकार एक तरफ जातिविहीन समाज की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ ऐसा कानून ला रही है जो जातिगत भेदभाव और आपसी वैमनस्यता को बढ़ावा देता है। UGC एक्ट 2026 की पुनर्समीक्षा की मांग समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि UGC एक्ट 2026 की तत्काल पुनर्समीक्षा की जाए और शैक्षणिक परिसरों में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाए। समता समिति में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई। झूठी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की मांग ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जातिगत भेदभाव से जुड़े प्रावधानों में स्पष्टता लाई जाए। SC/ST और OBC शब्दों के स्थान पर भेदभाव शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए। साथ ही झूठी शिकायत करने वालों पर कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट पर लगाई रोक समाज के लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इस पर रोक लगाई है और कुछ तर्क भी दिए हैं। इसी आधार पर समाज ने सरकार से कानून पर दोबारा विचार करने की मांग की है।


