भरत सिंह की पार्थिव देह को लाया गया कांग्रेस कार्यालय:कांग्रेसी नेताओं कार्यकर्ताओं और शहर वासियों ने दी श्रद्धांजलि, दोपहर को पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

कोटा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का एसएमएस अस्पताल में सोमवार रात निधन हो गया। भरत सिंह पिछले 2 महीने से लगातार बीमार चल रहे थे। जयपुर से आज सुबह 10 बजे कोटा के कांग्रेस कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह को लाया गया वहीं कोटा के कांग्रेस जनप्रतिनिधि कार्यकर्ताओं और शहर वासियों ने श्रद्धांजलि दी। वे चार बार विधायक और एक बार मंत्री रहे, लेकिन हमेशा जनसेवा और सादगी को राजनीति से ऊपर रखा। मंत्री पद संभालने के बाद भी उन्होंने 2014 में ग्राम पंचायत कुंदनपुर से पंच का चुनाव लड़कर जीत हासिल की। आज दोपहर को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे। कोटा कांग्रेस के देहात जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया की भरत सिंह अपने बेबाक और स्पष्ट वक्ता स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वे जनहित के मुद्दों पर अपनी ही सरकार के खिलाफ भी आवाज उठाने से नहीं हिचकते थे। अवैध खनन और भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्होंने कई बार धरने दिए। जनता के प्रति समर्पण की मिसाल देते हुए उन्होंने 15 बीघा जमीन सामाजिक कार्यों के लिए दान की। वर्ष 2007 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक और सर्वश्रेष्ठ पंचायत मंत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी अंतिम चिट्ठी में लिखा वाक्य “अब मैं चुनाव नहीं लडूंगा, मेरे आलोचकों का भी आभार” उनके विनम्र स्वभाव का प्रतीक था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया सहित तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा भरत सिंह जैसे ईमानदार और सिद्धांत निष्ठ नेता अब राजनीति में दुर्लभ हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *