भरमौर की खणी पंचायत में भालुओं के बढ़ते हमलों और वन विभाग तथा प्रशासन की कथित निष्क्रियता के विरोध में मंगलवार को लाहल में लोगों ने चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने सभी गाड़ियों को रोक दिया और उच्च अधिकारियों के मौके पर आने की मांग पर अड़े रहे। वन विभाग की ओर से अधिकारियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन प्रदर्शनकारी चंबा से वन मंडल अधिकारी के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। सूचना मिलने के बावजूद, भरमौर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिस पर प्रदर्शनकारियों ने आपत्ति जताई। वर्तमान में भरमौर में एडीएम और डीएफओ दोनों अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। भालू के हमले से एक महिला की हो चुकी मौत ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक महीने के भीतर भालुओं के हमले में दो महिलाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल है। घायल महिला का उपचार मेडिकल कॉलेज टांडा में चल रहा है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने बार-बार विभाग और प्रशासन को भालुओं के बढ़ते खतरे से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इस कारण पंचायत के लोग लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। भालू सुबह, दोपहर और शाम के समय रिहायशी बस्तियों में खुलेआम दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।


