गांव फूलियाकला में भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा ने जिस स्कूल में पढ़ाई की, उसकी खराब स्थिति देखी ताे इसकी ‘सूरत’ बदलने की ठान ली। जयपुर स्थित फैक्ट्री और बंगला बेच दिया। इसके बाद 8 बीघा में 21 करोड़ से भव्य स्कूल का निर्माण करा दिया। इतना ही नहीं, हॉकी के लिए बच्चों का जुनून देखा तो सेंड सिंथेटिक टर्फ का ग्राउंड बनवा डाला। ऐसा ग्राउंड राजस्थान में कहीं और नहीं है। यह विद्यालय सेंटर फॉर एकेडमिक एंड स्पोर्ट्स एक्सीलेंस का रोल मॉडल है। इस बारे में सत्यनारायण लड्ढा बताते हैं…मैंनें कभी इसी स्कूल में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई की थी। आईआईएम कोलकाता से डिग्री लेने के बाद कारोबार शुरू किया। स्कूल की हालत देखकर साल 2023 में इसे गोद लिया। सरकार से मिले अनुदान के 1.79 करोड़ रुपए भी लौटा दिए। अमेरिका में नौकरी कर रहे दो बेटियों और बेटे की मदद ली। उनकी सहायता से अब स्कूल का निर्माण पूरा हो चुका है। दस साल तक लड्ढा स्कूल की देखरेख करेगा। स्कूल में 2000 बच्चे पढ़ सकेंगे। इसमें रोबोटिक स्टीम एजुकेशन और एआई प्लेटफार्म उपलब्ध करहाया जाएगा। स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। अभी 48 कमरे बने हुए हैं। इसमें 16 स्मार्ट पैनल हैं। 48 कमरे हैं, 2000 बच्चे एआई से पढ़ाई कर सकेंगे ये उत्तर भारत का एकमात्र टर्फ है जिसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) से मान्यता मिली है। इस मान्यता के बाद यहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी के मैच हो सकते हैं। अभी तक बनने वाले टर्फ पर बार-बार पानी का छिड़काव किया जाता था। सेंड टर्फ राजस्थान के साथ तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उड़ीसा स्थानों पर एक-एक है।


