भास्कर न्यूज | अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भाई बलवंत सिंह राजोआणा के संबंध में दायर याचिका पर विचार करेगी और जल्द निर्णय लेगी। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई अंतरिम कमेटी की बैठक में भाई बलवंत सिंह राजोआणा की ओर से एसजीपीसी अध्यक्ष को लिखे गए 3 पेजों के पत्र पर गंभीरता से विचार किया गया। बैठक के बाद एडवोकेट धामी ने कहा कि भाई राजोआणा ने एसजीपीसी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सरकारों द्वारा सिखों के साथ किए जा रहे भेदभाव का जिक्र किया है। पत्र में भाई राजोआणा ने एसजीपीसी द्वारा उनके संबंध में दायर याचिका को वापस लेने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, जिसके संबंध में शिरोमणि कमेटी सिख पंथ, निहंग सिंहों और टकसालों के प्रतिनिधि संगठनों के साथ बैठकें करके राष्ट्रीय राय बनाने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में 2 बैठकें हो चुकी हैं तथा 17 मई को चंडीगढ़ में सिख जजों व वकीलों के साथ बैठक होगी। इसके बाद पंथक प्रतिनिधियों की एक सभा बुलाई जाएगी तथा पंथक भावनाओं के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। धामी ने कहा कि एसजीपीसी पिछले दिनों जम्मू के पुंछ में हुए हमले के दौरान मारे गए सिखों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए की सहायता देगी। एक अन्य फैसले की जानकारी देते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि लंगर श्री गुरु रामदास जी से बाबा अटल राय साहिब तक के मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां दोनों ओर सुंदर पेड़ लगाए जाएंगे। इसकी सेवा बाबा कश्मीर सिंह भूरीवाले द्वारा प्रदान की जाएगी। बैठक में एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क, कनिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कल्याण, महासचिव शेर सिंह मंडवाला आदि मौजूद थे। इस मौके पर सचखंड श्री हरमंदर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी मोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, बाबा इंद्रजीत सिंह रकबेवाले, बाबा बिशन सिंह तरना दल बाबा बकाला, शिरोमणि कमेटी के सदस्य रणधीर सिंह चीमा की तस्वीरें केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाने की मंजूरी भी दी गई।


