भाई से कहा- परेशान हूं, कनपटी पर गोली मार ली:हॉस्पिटल के बाहर पिता बोले- ICU में बेटा तड़प रहा, सूदखोर टॉर्चर कर रहे थे

‘मेरे 25 साल के बेटे राहुल को सूदखोरों ने बहुत परेशान किया है। 33 हजार सैलरी में से हर महीने 30 हजार रुपए तो ब्याज के वसूल लेते थे। मगर सूदखोर इतने पर भी संतुष्ट नहीं थे। उसको आते-जाते रास्ते में परेशान करते थे। बेटे की 11 फरवरी को शादी होनी थी, मगर सूदखोरों ने मेरे बेटे को इतना परेशान किया कि उसने खुद को गोली मार ली। वो बचेगा या नहीं, डॉक्टर ठीक से बता नहीं पा रहे। हम क्या करें…।’ यह कहना है थाना ट्रांसयमुना क्षेत्र अंतर्गत यमुना ब्रिजघाट, स्टेशन रोड निवासी कुंवर पाल सिंह राठौर का। बुधवार को उनके बेटे राहुल राठौर (25 साल) ने खुद को तमंचे से गोली मार ली थी। इस समय उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि उसकी कनपटी पर गोली लगी है। ICU में देखने गया, तो वो तड़प रहा था। वेंटिलेटर पर वो मौत से लड़ाई लड़ रहा है। मैं सिर्फ उसकी सलामती की दुआ कर सकता हूं। 12 लाख के लोन को चुकाने में मैंने भी मदद की। लेकिन वो लोग उसको परेशान करते रहे। राहुल राठौर ने खुद को गोली क्यों मारी? उसने कितने रुपए का कर्ज ले रखा था? अस्पताल में उसकी स्थिति क्या है? यह जानने के लिए दैनिक भास्कर ऐप टीम ने राहुल के पिता से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… मैं जब पेट्रोल पंप पहुंचा तो मेरा बेटा जमीन पर पड़ा तड़प रहा था
कुंवर पाल सिंह राठौर ने बताया कि मेरी रामबाग चौराहा पर पेटीज की दुकान है। मेरा बेटा राहुल राठौर (25 साल) एक फाइनेंस कंपनी में काम करता है। बुधवार शाम लगभग 6 बजे वह घर से निकला था। देर शाम को मैं खाना खा रहा था, तभी मेरे दूसरे बेटे का फोन आया। बोला- राहुल का फोन आया है। कह रहा था कि मैं बहुत परेशान हूं। तुम बजरंग पेट्रोल पंप पहुंच जाओ। जब तक मैं वहां पहुंचा तब तक मेरा बेटा, बेसुध जमीन पर पड़ा था। उसकी कनपटी में गोली लगी थी। खून ही खून बिखरा हुआ था। मेरे तो पैरों तले जमीन खिसक गई। मेरा जिगर का टुकड़ा मेरे सामने तड़प रहा था। उसे ट्रांसयमुना स्थित गोयल सिटी हॉस्पीटल में एडमिट कराया। डॉक्टर उसकी हालात नाजुक बता रहे हैं। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से वह वेंटिलेटर पर है। बताया कि हॉस्पिटल के बाहर एक-एक पल मुश्किल से कट रहा है, जब भी हॉस्पिटल स्टाफ का फोन आता है, तो दिल कांप जाता है। कुंवर पाल सिंह राठौर की रामबाग चौराहा पर पेटीज की दुकान है। राहुल राठौर एक फाइनेंस कंपनी में काम करता है। उसके पिता का कहना है-राहुल ने किसी सूदखोर से लगभग 12 लाख रुपया कर्ज लिया था। बेटे ने कभी उन्हें बताया नहीं, क्यों और किससे ये रकम ली है। मगर, जब वह परेशान रहने लगा तो परिजनों ने उससे परेशानी का कारण पूछा। तब उसने बताया कि उसने कर्ज लिया है और सूदखोर उसे परेशान कर रहे हैं। कुंवर पाल ने बताया- बेटे 4-5 दिन से बता रहा था, वह बहुत परेशान था। बोल रहा था, मुझे किसी को पेमेंट देना है। मैंने उससे कहा था, हम दे तो रहे हैं। इसको मैंने कुछ दिन पहले 2 लाख रुपये भी दिए थे। उसका कर्ज चुकाने के लिए हम और रकम जुटा रहे थे। मगर, सूदखोर उस पर लगातार दबाव बना रहे थे। वह कहते हैं– उसे कुछ लोग टॉर्चर कर रहे थे, मैं उनका पता लगा रहा हूं। जल्द ही उनके नाम भी खोल दूंगा। उनको चैन से नहीं बैठने दूंगा। पहले अपने बेटे का इलाज करा लूं। खुद को गोली मारने से पहले बड़े भाई को किया था फोन
राहुल राठौर बुधवार शाम लगभग 5 बजे घर से निकला था। इसके कुछ देर बाद उसने अपने बड़े भाई विवेक राठौर को फोन किया था। कांपती आवाज में कह रहा था-भैया, मैं बहुत परेशान हूं…लोकेशन भेज रहा हूं…आकर मुझे ले जाइए…मैं नहीं झेल पा रहा। इसके बाद फोन कट गया। इसके बाद विवेक ने अपने पिता कुंवर पाल सिंह को फोन कर इसकी जानकारी दी और खुद उस लोकेशन की चल दिया, जो राहुल ने भेजी थी। पिता-पुत्र जब घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक राहुल आत्मघाती कदम उठा चुका था। उसके आसपास भीड़ लगी थी। हालात नाजुक बनी हुई है राहुल राठौर की हालात नाजुक बनी हुई है। वह वेंटिलेटर पर है। चिकित्सकों का कहना है कि गोली उसके सिर में फंसी हुई है। गोली से सिर के अंदर हिस्सा बुरी तरह से डेमेज हो गया है। जिसकी वजह से उसकी हालात में सुधार होता नजर नहीं आ रहा। इधर, परिजनों बेटे को इस हालात में देखकर परेशान हैं। उनका रो-रो कर बुरा हाल है। शादी की तैयारियों पर फिरा पानी राहुल राठौर की शादी तय हो चुकी थी। 11 फरवरी को उसकी शादी होनी थी। इसके लिए घर में बारातियों की सूची तैयार हो रही थी। शॉपिंग भी शुरू हो चुकी थी। मगर, इस घटनाक्रम ने शादी की तैयारियों की खुशियों पर पानी फेर दिया। …………………………….. ये खबर भी पढ़िए- अफसरों से बोला-वादा करो घूस नहीं लोगे, वरना कूद जाऊंगा:मुरादाबाद में ऑफिस की बिल्डिंग पर चढ़ा युवक; 40 मिनट तक ड्रामा किया ‘वादा करो घूस नहीं मांगोगे। नहीं तो यहां से कूदकर जान दे दूंगा। सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए 6 महीने से ऑफिस के चक्कर लगा रहा, लेकिन अफसर घूस मांग रहे हैं।’ ये बातें मुरादाबाद में डिप्टी लेबर कमिश्नर (DLC) ऑफिस बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर चढ़े युवक ने चिल्लाते हुए कहीं। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे वह बिल्डिंग पर चढ़ गया। जोर-जोर से चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर ऑफिस के कर्मचारी भागकर बाहर आए। उसे समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन युवक जिद पर अड़ा रहा। पढ़ें पूरी खबर…

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