जल संसाधन विभाग के भाखड़ा–सिद्धमुख रेगुलेशन खंड ने भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयता क्रम जारी कर दिया है। यह रेगुलेशन 10 से 18 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत तय अवधि में विभिन्न नहरों में निर्धारित मात्रा में पानी प्रवाहित किया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नगराना (एनजीडी) नहर में 78 क्यूसेक, लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) में 326, भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) में 376, करनीसिंह (केएसडी) में 731, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 926, जोड़कियां (जेआरके) में 1036, संगरिया (एसएनजी) में 1042, भगतपुरा (बीजीपी) में 1080, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 1200, मोरजंडा (एमजेडी) में 1410, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 1515, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 1543, रतनपुरा (आरटीपी) में 1554, मोडिया (एमओडी) में 1714, सूरतपुरा (एसटीपी) में 1723, दीनगढ़ (डीएनजी) में 1736, हरिपुरा (एचआरपी) में 1749, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 1884, पीलीबंगा (पीबीएन) में 2099, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 2110, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 2123 तथा अमरपुरा (एएमपी) नहर में 2216 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक नहर को आठ दिन तक लगातार चलाने के बाद बंद किया जाएगा। नहरों में पानी की उपलब्धता और मांग को देखते हुए रेगुलेशन में बदलाव की आवश्यकता पड़ने पर भाखड़ा–सिद्धमुख रेगुलेशन खंड और जल संसाधन खंड प्रथम एवं द्वितीय के अधिशासी अभियंताओं से विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नहरों में वास्तविक जल प्रवाह संबंधित अधिशासी अभियंता की मांग के अनुसार रखा गया है और आवश्यकता पड़ने पर इसमें कभी भी कमी की जा सकती है।


