सागर | नरवानी रोड मकरोनिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को समापन हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास गोपाल कृष्ण शास्त्री श्रीधाम वृंदावन ने भगवान श्रीकृष्ण की विविध लीलाओं और विवाह प्रसंग का वर्णन किया। श्रोता उस समय भाव-विभोर हो उठे जब उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि पत्नी सुशीला के आग्रह पर सुदामा द्वारका गए और मित्र कृष्ण ने उनके आगमन का समाचार मिलते ही दौड़कर उनका स्वागत किया। भगवान ने प्रेम से उनके चरण पखारे और सुदामा के तंदुल के बदले मन ही मन उन्हें अनंत समृद्धि का वरदान दे दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता कृष्ण-सुदामा जैसी होती है, जिसमें न कोई बड़ा-छोटा होता है और न धन-संपत्ति का भेद।


