आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवा को कहा कि अहिंसा हमारा स्वभाव है, हमारा मूल्य है। लेकिन कुछ लोग नहीं बदलेंगे, चाहे कुछ भी कर लो, वे दुनिया को परेशान करते रहेंगे, तो उनका क्या करें। राजा का कर्तव्य प्रजा की रक्षा करना है, राजा को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। मोहन भागवत नई दिल्ली में पीएम संग्रहालय में स्वामी विज्ञानंद की पुस्तक ‘हिंदू मेनिफेस्टो’ के विमोचन के दौरान बोल रहे थे। इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के लिए 2 मिनट का मौन भी रखा गया। भागवत के बयान की बड़ी बातें… किताब के बारे में बोले भागवत- यह लंबी स्टडी के बाद बनी है भागवत ने कहा- यह किताब ‘हिंदू मैनिफेस्टो’ चर्चा के लिए है, आम सहमति बनाने के लिए है। यह एक प्रस्ताव है, इसे बहुत स्टडी के बाद बनाया गया है। इसमें बताया है कि आज आम सहमति की जरूरत है, क्योंकि दुनिया को एक नया रास्ता चाहिए। दुनिया दो रास्तों के बारे में सोचती है, उन्होंने दोनों रास्तों पर कदम रखा, और तीसरा रास्ता चाहिए था, जो भारत के पास है। दुनिया को रास्ता दिखाना भारत की जिम्मेदारी है। यह परंपरा के रूप में भारत के पास है। मोहन भागवत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- धर्म पूछकर हत्या करना निंदनीय: हिंदू कभी ऐसा नहीं करेगा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद हत्या की। हिंदू कभी ऐसा नहीं करेगा। मोहन भागवत ने आगे कहा कि, यह लड़ाई धर्म और अधर्म के बीच की है। हमारा देश कितना शक्तिशाली है यह दिखाने का समय आ गया है। भागवत ने ये बातें मुंबई में एक कार्यक्रम में कहीं। पढ़ें पूरी खबर…


