भागीरथपुरा में 20 दिन बाद भी जल संक्रमण थमा नहीं है। तमाम प्रयासों के बाद भी रविवार को 15 से ज्यादा नए मरीज सामने आए। सभी में शुरुआती लक्षण उल्टी-दस्त के हैं। गुरुवार को लकवे का पहला केस सामने आया। डॉक्टरों के मुताबिक पीड़ितों में लिवर, किडनी के साथ-साथ न्यूरो सिस्टम पर अटैक का पहला मामला है। भागीरथपुरा की 70 वर्षीय देवकीबाई सीएचएल में भर्ती हैं। उन्हें लकवा आ गया है। बेटे बबलू ने बताया दूषित पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ी। डॉक्टरों ने बताया कि दिमाग की एक नस में ब्लॉकेज के कारण लकवे की स्थिति बनी है। 1 साल की बच्ची गंभीर स्थिति में थी, अब सुधार
बॉम्बे अस्पताल में एक वर्षीय निहारिका गुरुवार से भर्ती है। उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद उसे भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत में अब सुधार है। उधर, कुल 42 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। 13 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है। मरीजों के परिवहन के लिए तीन एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। 4 मरीज एक सप्ताह से वेंटिलेटर पर हैं। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. अर्चना वर्मा, सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट
बुजुर्ग मरीजों में, जिनकी रक्त नलिकाओं में पहले से एथिरोस्क्लेरोसिस यानी वसा जमने की समस्या होती है, वहां लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने से ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इससे दिमाग तक पर्याप्त रक्त आपूर्ति नहीं हो पाती और ऐसे मरीजों में लकवे का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में डिहाइड्रेशन लकवे की प्रक्रिया को आसान बना सकता है, लेकिन यह कहना चिकित्सकीय रूप से सही नहीं है कि केवल उल्टी-दस्त या किडनी की बीमारी से ही लकवा हो गया। पानी की मेन लाइन बदलने में 20 दिन और लगेंगे इंदौर| भागीरथपुरा में पानी की जिस मेन लाइन में ड्रेनेज का पानी मिक्स हुआ था, उसे बदलने में 20 दिन और लगेंगे। 8 दिन से लगातार खुदाई और लाइन डालने का काम जारी है। पानी की इसी मेन लाइन के ऊपर से सीवर लाइन गुजर रही थी। जगह-जगह से क्षतिग्रस्त इस लाइन में सीवर का पानी मिल रहा था। मेन लाइन का काम पूरा होने के बाद ब्रांच कनेक्शन जोड़े जाएंगे। करीब 70 फीसदी इलाके में नई लाइन डालनी है, जिसमें डेढ़ से दो महीने लगेंगे। तब तक टैंकरों से पानी की व्यवस्था रहेगी। 6600 सरकारी बोरिंग हैं शहर में। इनमें से आधे का क्लोरीनेशन हो चुका है। 70 फीसदी क्षेत्र में नई लाइन डलेगी। 30 फीसदी क्षेत्र में जल्द शुरू होगी नल से सप्लाय
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा 30 फीसदी हिस्से में जल्द नलों से पानी की सप्लाय शुरू होगी। इसके लिए रोज कुछ समय के लिए टंकी से पानी छोड़ा जा रहा है। 70 फीसदी आबादी को टंकी से नियमित सप्लाय मिलने में अभी समय लगेगा।


