भारतीय जनता पार्टी की देर रात तक चली कार्यशाला में पार्टी पदाधिकारियों की तरफदारी भी की गई और नसीहतें भी दी गईं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जिम्मेदारी बताई तो सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच छाती ठोककर जाएं और बताएं कि हमने विकास के काम किए हैं, कोई गलत काम नहीं किया। यह कार्यशाला कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, भाजपा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पुनिया, अशोक परनामी, महामंत्री भूपेंद्र सैनी, मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सीएम भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के सामने छाती ठोककर कहें कि हमने विकास के काम किए हैं और किसी भी प्रकार का कोई गलत काम नहीं किया है। पिछली सरकार के पांच सालों और हमारी सरकार के दो सालों के कामकाज को अगर निष्पक्ष रूप से देखा जाए तो अंतर साफ नजर आता है। हमारी सरकार ने पारदर्शिता, सुशासन और विकास को प्राथमिकता दी है। कांग्रेस केवल बयानबाजी और भ्रम फैलाने की राजनीति करती है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति और परिवार की नहीं हैं। नए लोगों को भी सम्मान मिलना चाहिए। नए लोगों के आने से पार्टी में नयापन आता हैं। उन्होने कहा कि पुराने लोगों को नए लोगों को स्वीकार करना चाहिए। पुराने अनुभव के साथ नया जोश भी जरूरी हैं। आपस में मिलकर समन्वय बैठाते हुए किस तरह से काम किया जाए, यह जरूरी हैं। संतोष ने कहा कि जितना हो सके, उतना प्रवास (दौरे) करें। सभी पदाधिकारियों को प्रवास करना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यशाला के बाद मीडिया को संबोधित किया। बताया- कार्यशाला का उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को मूल्यों, आदर्शों और जनसेवा के भाव से जोड़ना था। संगठनात्मक सत्रों में हर विषय पर गंभीर चिंतन किया गया। विशेष रूप से कुटुंब प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि आदर्श परिवार ही आदर्श समाज की नींव होता है। हम सब राजनीति में सेवक के रूप में आए हैं और जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना हमारा लक्ष्य है। कहीं भी कटुता उत्पन्न हो, तो संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। संगठनात्मक कार्यशाला में उद्घाटन और समापन सत्र को मिलाकर कुल 5 सत्र आयोजित हुए। इसके बाद राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने संबोधित किया।


