भाजपा के बजट कार्यक्रमों में UGC का विरोध, कुर्सियां फेंकी:शिवपुरी में भारत बंद के दौरान बवाल, मंच छोड़कर भागे भाजपा नेता

शिवपुरी जिले में रविवार को यूजीसी कानून के विरोध में बुलाया गया भारत बंद उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने सड़कों के साथ-साथ राजनीतिक कार्यक्रमों को भी निशाना बनाया। करेरा और शिवपुरी में भाजपा का बजट कार्यक्रम चल रहा था। वहां पर प्रदर्शनकारियों ने घुसकर नारेबाजी की। तोड़फोड़ करते हुए कुर्सियां फेंकी। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इससे बजट कार्यक्रम रद्द करना पड़ गया। वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष को कार्यक्रम स्थल से भागना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय में भी मंच पर चढ़कर नारेबाजी की। दरअसल, करेरा कस्बे में पुलिस सहायता केंद्र के पास भाजपा ने बजट पर कार्यक्रम रखा था। इसमें भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत मौजूद थे। बजट प्रसारण के दौरान ही प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए मंच पर पहुंचकर एलसीडी बंद करा दी। कुर्सियां भी फेंकी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कारणों से रणवीर सिंह रावत को वहां से जाना पड़ा और कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। देखिए विरोध की तस्वीरें शिवपुरी में मंच पर चढ़े प्रदर्शनकारी शिवपुरी शहर के माधव चौक पर भी भाजपा ने बजट कार्यक्रम के लिए टेंट लगाया था। यहां जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव और नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा मौजूद थे। आंदोलनकारी यहां भी पहुंचे और मंच पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध के बीच एलसीडी बंद कर दी गई, जिससे कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। बाद में एडिशनल एसपी संजीव मुले ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। प्रदर्शनकारियों ने जिला अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपा। दुकानों में भी की तोड़फोड़ भारत बंद के दौरान करेरा में बाजार बंद कराते समय तिल रोड स्थित एक ऑनलाइन दुकान और कच्ची गली में एक गारमेंट दुकान में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, पुलिस ने किसी बड़े विवाद या गंभीर चोट की पुष्टि नहीं की है। नरवर कस्बे में दुकानदार को पीटा
वहीं, नरवर कस्बे की मौजपुर मार्केट में व्यापारी ने दुकान नहीं बंद की तो प्रदर्शनकारियों ने उसके साथ मारपीट कर दी। इसका वीडियो भी सामने आया है। मौके पर पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। बाद में दोनों पक्ष नरवर थाने पहुंचे। कई और जगहों से भी हंगामा होने की खबरें हैं। UGC का नया नियम क्या है?
UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।’ इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। आंकड़ों में…क्या कैंपस में OBC-SC/ST के साथ भेदभाव हो रहा?
UGC ने नया ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026’ नियम जारी करते हुए बताया कि बीते 5 सालों में कैंपस के अंदर जाति-आधारित भेदभाव की शिकायतें बढ़ी हैं। 2019-20 में 173 शिकायतें मिली थी, जबकि 2023-24 में 378 शिकायतें मिली। मतलब 118.4% बढ़ोत्तरी। AISHE (All India Survey on Higher Education) 2021-22 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल 12,002 कॉलेज-यूनिवर्सिटी में करीब 4.33 करोड़ स्टूडेंट्स हैं। जातीय भेदभाव की शिकायतें मिली 378। मतलब सिर्फ 0.00087%। यानी एक फीसदी से भी बहुत कम। ये खबर भी पढ़ें… UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इनका देशभर में विरोध हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर… UGC नियमों पर सवाल: रीवा में छात्रों ने जीतू पटवारी को घेरा
रीवा में बजट 2026 पर बयान देने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर घेर लिया। छात्रों ने यूजीसी पर कांग्रेस का रुख पूछा। पटवारी ने कहा कि शिक्षा में किसी तरह का विभाजन देशहित में नहीं है और यूजीसी से जुड़े सवाल केंद्र व राज्य सरकार से किए जाने चाहिए। बाद में छात्र संतुष्ट हुए। पढ़ें पूरी खबर

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