जांजगीर-चांपा में मनरेगा में कथित बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने जिले में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास रखा। यह उपवास कचहरी चौक स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, स्थानीय विधायक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गरीब और मजदूरों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता राहुल गांधी के निर्देश पर देशभर में जिला स्तर पर यह आंदोलन चलाया जा रहा है। महंत के अनुसार यह उपवास मनरेगा के पूरे ढांचे को बदलने के प्रयासों के खिलाफ है, जो महात्मा गांधी की सोच और देश के गरीबों-श्रमिकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था। चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार मनरेगा कानून में मूलभूत परिवर्तन करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने मनरेगा को कांग्रेस की “कब्र” बताया था और अब सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। कांग्रेस का मानना है कि कानून में बदलाव कर इसे धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है। आदिवासी-किसान-मजदूरों के समर्थन का ऐलान कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, किसान और श्रमिकों सहित समाज के निचले तबके के साथ खड़ी है। उन्होंने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। कांग्रेस पंचायत स्तर तक जाएगी, हर पंचायत से प्रस्ताव लेगी और इसके बाद मुख्यमंत्री निवास तथा विधानसभा का घेराव किया जाएगा। महंत ने केंद्र सरकार को किसानों के खिलाफ लाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की याद भी दिलाई। वीबीजी राम-जी को लेकर भी जताया विरोध नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने “विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण (VB G RAM G)” के नामकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योजना के नाम में जानबूझकर ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे राम जी के नाम का दुरुपयोग होता है। महंत ने कहा कि भगवान राम केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, वे विश्व भर में पूजनीय हैं और उनके नाम का राजनीतिक उपयोग गलत है। लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप उन्होंने महात्मा गांधी के नाम और संविधान को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। महंत ने कहा कि जिस गांधी जी ने गरीबों और श्रमिकों के लिए संघर्ष किया और जिनके नेतृत्व में देश को आजादी मिली। संविधान बना, उसी संविधान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है और कांग्रेस इसका लगातार विरोध करती रहेगी। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि यह आंदोलन राजनीति के लिए नहीं, बल्कि गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए है और जब तक कांग्रेस है, तब तक गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।


