पंजाब में आई बाढ़ के बाद केंद्र द्वारा राज्य को केंद्र द्वार 1600 करोड़ रुपए देने के ऐलान पर राजनीति गर्माई हुई है। इसी मामले को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार बीजेपी को घेर रही है। साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि केंद्र सरकार पंजाब के धक्का कर रही है। केंद्र द्वारा दिए गए मुआवजे को ऊंट के मुंह में जीरा बताया जा रहा है। इसी बीच आज पंजाब बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ एक प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे है। हालांकि पीसी का विषय साफ नहीं है। माना जा रहा है कि बाढ़ व ताजा हालात पर भी वह सरकार को घेरेंगे। 1988 के बाद आई है बड़ी बाढ़ पंजाब में 1988 के बाद बड़ी बाढ़ आई हुई है। बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 2555 हो गई है, जिनमें मुख्य रूप से होशियारपुर और लुधियाना के गांव शामिल हैं । कुल 3 लाख 89 हजार 445 प्रभावित हुए है। कुल 1,99,926 हेक्टेयर हो गया है। कई समाज सेवी संस्थाएं और राजनीतिक दल लोगों की सेवा में जुटे हुए है। बीजेपी की तरफ से चार वेयर हाउस बनाए गए हैं। जहां से वह लोगों को खाने पीने से लेकर, घर का सामान, सोने के लिए बिस्तर व अन्य सामान मुहैया करवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री खुद ले चुके हैं जायजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि शिवराज सिंह चाैहान खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं। वहीं, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी बाढ़ संबंधी अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री को सौंप चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय टीमें नुकसान का जायजा ले चुकी है। वहीं, पंजाब सरकार द्वारा गिरदावरी करवाई जा रही है। सीएम भगवंत मान ऐलान कर चुके है कि 40 दिनों में सारा भुगतान कर दिया जाएगा।


