भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक चुनाव में 2 दिन तक जयपुर में मंथन के बाद गुरुवार को भाजपा के 38 मंडलों में से 20 मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो गई, जिसमें 7 पुराने मंडल अध्यक्षों को ही दुबारा मौका दिया है और 13 नए चेहरों को जिम्मेदारी दी है। बाकी 18 मंडलों में गुटबाजी और 50 फीसदी बूथ समितियों का गठन नहीं होने व सक्रिय सदस्यता व निर्धारित उम्र की गाइडलाइन आड़े आ रही है। जिसकी वजह से उन मंडलों में अध्यक्षों की घोषणा अभी नहीं हुई है। हालांकि जिन मंडलों में अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं, वहां भी गुटबाजी के चलते आरोप लगाए जा रहे हैं कि समर्पित लोगों को मौका नहीं दिया है और पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने वालों को चुना गया है। उदाहरण के तौर पर चिकसाना मंडल में बनाए गए मंडल अध्यक्ष को गत विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के साथ जनसंपर्क कर भाजपा का विरोध किए जाने का फोटो भी वायरल हो रहा है। ये चुने गए मंडल अध्यक्षों में दुबारा इन्हें मिला मौका 38 मंडलों में 20 मंडलों के अध्यक्षों की सूची जारी हुई है। जिसमें 7 मंडल अध्यक्ष पुराने रिपीट हुए हैं। जिनमें मुखर्जी नगर मंडल के रिषभ बंसल, वैर ग्रामीण के शिव सिंह बेवर, नदबई ग्रामीण के विश्वेंद्र सिंह, उच्चैन के विजेंद्र सिकरौदा, सीकरी के मानसिंह सैनी, नगर ग्रामीण के हिमेश गुर्जर, रूपवास शहर के चंद्रमोहन शर्मा को दुबारा मंडल अध्यक्ष बनने का मौका मिला है। इन मंडलों में नए चेहरों को दिया मौका जिले में बनाए गए 20 मंडल अध्यक्षों में 13 नए चेहरों को मौका दिया गया है। जिसमें चिकसाना मंडल के प्रकाश भोलू सुनारी, जघीना के जितेंद्र फौजदार, वैर शहर के संतोष धाकड़, भुसावर शहर धीरज पांडेय, भुसावर ग्रामीण हरवीर बाछरैन, कैला देवी लेखराज जादौन, नदबई शहर रोहित उपाध्याय, सेवर धर्मेंद्र, नगर शहर विनोद शर्मा, रुदावल वीरेंद्र सिंह, बंध बारैठा सत्यप्रकाश गुर्जर, जुरहरा नारायण शर्मा, कैथवाड़ा मोहन श्याम यादव को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है।


