गोस्वामी तुलसीदास मंदिर में पिछले एक सप्ताह से चल रही श्री राम एवं भक्त माल कथा रविवार को समाप्त हो गई। ब्यास गद्दी पर विराजमान बृजभूषण तिवारी ने भक्तों को श्रीराम एवं भक्त माल कथा सुनाई। महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति वह है जिसने कई संस्कृतियों को जन्म दिया है और सबकी मार्गदर्शन बनी। यह तभी संभव हुआ जब हमारे में भक्ति की शक्ति सम्मलित हुई। यह शक्ति हमें एक दिन में नहीं मिली बल्कि प्रभु श्री राम से लेकर अब तक हुए भक्तों के मार्गदर्शन से ही संभव हुई है। महाराज ने कहा कि यह दिव्य कथा हमें जीवन यापन की विधि और सांसारिक कार्यों को करते हुए प्रभु से जुड़ने का मार्ग दर्शाती है। शाम 4 से साढ़े 7 बजे तक चली कथा को सुनने कई भक्तजन पहुंचे। कथा के अंत में सभी को प्रसाद बांटा। इस मौके पर कई भक्त मौजूद रहे।


