बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शनों और एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत ने चटगांव स्थित अपने असिस्टेंट हाई कमीशन में वीजा सर्विसेज फिलहाल बंद कर दी हैं। चटगांव में भीड़ गुरुवार को भारतीय असिस्टेंट हाई कमिश्नर के आवास के पास पहुंच गई और पथराव भी किया। इसके अलावा खुलना, राजशाही और ढाका में भी भारतीय दफ्तरों के बाहर बड़े पैमाने पर भारत विरोधी नारे लगाए गए। इन घटनाओं के बाद भारत ने अपने कर्मचारियों और दफ्तर की सुरक्षा को देखते हुए चटगांव में वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया। भारतीय वीजा आवेदन सेंटर ने कहा है कि 21 दिसंबर से अगली सूचना तक वहां वीजा का काम नहीं होगा। भारत ने हिंदू युवक की हत्या का मामला भी उठाया यह मामला तब गरमाया जब भारत विरोधी शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में कई जगह प्रदर्शन शुरू हो गए। इन प्रदर्शनों के दौरान मयमनसिंह इलाके में 25 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को जला दिया। दीपू एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हत्या को बहुत ही भयानक बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से मांग की है कि इस हत्या के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि भारत, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर बेहद चिंतित है और हालात पर करीबी नजर रखे हुए है।


