गुरमीत लूथरा | अमृतसर पहलगाम आतंकी हमले का विपरीत असर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के खुले दर्शन-दीदार के लिए जाने वाले भारतीय जत्थों पर पड़ना तय है। भारत-पाक के बीच जारी तनाव के चलते भारत सरकार द्वारा अटारी-वाघा सीमा सड़क मार्ग दोनों मुल्कों के बांशिदों के लिए बंद कर दिए जाने के चलते भारतीय जत्थों की पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिबान की यात्रा पर जाने की संभावना क्षीण हो गई है। हर साल जून में भारत से महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 600 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था पाक के लाहौर स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब के दर्शनों व गुरुद्वारा से सटी महाराजा की समाधि पर नतमस्तक होने पहुंचता है मगर मौजूदा दौर में दोनों मुल्कों में जारी तनाव के चलते इसकी संभावना खत्म हो गई है। भविष्य में दोनों मुल्कों में माहौल तनाव रहित भी जो जाता है तब भी कम से कम 6 महीने या साल तक अटारी-वाघा सड़क सीमा खुलने की कोई संभावना नहीं है। आतंकी हमले से ठीक पहले एसजीपीसी ने महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर जाने के चाहवान 324 श्रद्धालुओं की सूची पाक दूतावास व पाक सरकार को अवश्य भेजी गई थी।


