भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। जिसे लेकर सीएम साय ने कहा कि, हम हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। जबकि भूपेश बघेल का कहना है कि देश की सुरक्षा के मसले पर सब एकजुट हैं। गृह मंत्रालय ने सख्त गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि, जरूरत पड़ने पर राज्य नागरिक सुरक्षा नियम 1968 (Civil Defence Rules) के तहत इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल कर सकते हैं। केन्द्र के निर्देशों पर किया गया मॉकड्रिल छत्तीसगढ़ सरकार ने भी केंद्र के निर्देशों के मुताबिक काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, दुर्ग जिले में मॉकड्रिल केंद्र के निर्देशों के अनुसार ही किया गया। आगे भी केंद्र सरकार से जो भी निर्देश मिलेंगे, राज्य उनका पालन करेगा। हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। बघेल बोले- भारत सरकार को हर परिस्थिति में समर्थन पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, आतंकवादियों के सफाए के लिए भारतीय सेना लगातार प्रयास कर रही है और सफलतापूर्वक 9 ठिकानों का सफाया किया है। पाकिस्तान जो मिसाइलें रिहाइशी और धार्मिक इलाकों में गिराए जा रहे हैं, सेना उसे रोकने का काम सफलतापूर्वक कर रही है। इसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। कांग्रेस पार्टी ने सभी राज्यों में तिरंगा यात्रा निकाली, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं। जिस तरह से कांग्रेस पार्टी और पूरी इंडिया अलायंस ने एकजुटता का प्रदर्शन किया है। और भारत सरकार को हर परिस्थिति में समर्थन देने का फैसला किया है। देश की 140 करोड़ की जनसंख्या एकजुट होकर सेना के साथ है। पहलगाम आतंकी हमले का जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया था। जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POJK) में कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। इसके बाद से पाकिस्तान की तरफ से लगातार रिहायशी और सैन्य इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक बीती रात जम्मू, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के कई इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। साथ ही सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों की हलचल भी तेजी से बढ़ रही है। इन हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि अगर किसी राज्य को हालात संभालने के लिए नागरिक सुरक्षा एक्ट के तहत विशेष कदम उठाने हों, तो वो बिना देर किए उठाए जा सकते हैं। राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर मॉकड्रिल, राहत की तैयारी, और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।


