लुधियाना। सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग हैवी विंटर जैकेट्स, कोट और ओवरकोट पहनते हैं, लेकिन लंबे समय तक इन्हें पहनने या गलत तरीके से कैरी करने से कंधों और गर्दन में दर्द की शिकायत आम हो जाती है। खासतौर पर वे लोग जो रोज़ ऑफिस जाते हैं, ट्रैवल करते हैं या बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते हैं, उन्हें भारी जैकेट्स का अतिरिक्त वजन दिनभर परेशान कर सकता है। कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि हाथ उठाने या गर्दन घुमाने में भी दिक्कत होने लगती है। थोड़ी सी सावधानी और सही तरीके अपनाकर आप सर्दियों में गर्म भी रह सकते हैं और कंधों के दर्द से भी बच सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, हैवी जैकेट्स का वजन सीधे कंधों पर पड़ता है। अगर जैकेट फिट नहीं है या उसे बार-बार हाथ में लेकर चलना पड़ता है, तो मांसपेशियों पर दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा, एक ही कंधे पर जैकेट टांगकर चलने की आदत भी दर्द का बड़ा कारण बनती है। धीरे-धीरे यह समस्या सर्वाइकल पेन या शोल्डर स्ट्रेन में बदल सकती है। कंधों के दर्द से बचने के लिए सबसे पहले सही जैकेट का चुनाव जरूरी है। बहुत ज्यादा भारी और मोटी जैकेट की जगह हल्की लेकिन इंसुलेटेड जैकेट्स बेहतर रहती हैं, जो कम वजन में ज्यादा गर्मी देती हैं। अगर जैकेट उतारकर कैरी करनी पड़े, तो उसे एक ही कंधे पर रखने के बजाय दोनों हाथों से फोल्ड करके पकड़ें या बैकपैक में रखें। आजकल कई जैकेट्स में बेल्ट या स्ट्रैप की सुविधा भी होती है, जिससे उन्हें पीठ पर टांगा जा सकता है। यह तरीका कंधों पर पड़ने वाले दबाव को काफी हद तक कम करता है। ऑफिस जाने वाले लोग चाहें तो ऑफिस में एक हल्की जैकेट अलग से रख सकते हैं, ताकि रोज़ भारी जैकेट ढोने की जरूरत न पड़े। इसके साथ ही रोज़ाना हल्की स्ट्रेचिंग और शोल्डर एक्सरसाइज भी मददगार होती हैं। सुबह या शाम को कंधों को घुमाने, गर्दन को हल्का स्ट्रेच करने और हाथ ऊपर-नीचे करने से मांसपेशियां रिलैक्स रहती हैं। अगर दर्द लगातार बना रहता है या बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें और फिजिशियन या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें।


