भालोटिया गली में गंदगी की कहानी बरकरार तो साहू मार्केट में बरसात में जम जाता है पानी

वार्ड नं-22 बूथ : 02 जनसंख्या 6194 वोटर 5178 महिला 2427 पुरुष 2751 वार्ड नं-21बूथ : 02 जनसंख्या 4448 वोटर 3866 महिला 1874 पुरुष 1922 बड़ा नाला निर्माण का काम पूरा नहीं हो सका वार्ड नंबर 22 के कई मोहल्ले ऐसे हैं। इस इलाकों में कई सड़कों का निर्माण हुए अभी दस वर्ष भी नहीं हुए। पूरी तरह जर्जर होना चालू हो गए हैं। यहां के कई मोहल्लों में खंभे पर झूलते तार के मकड़ जाल बने हुए है। जो आए दिन हल्की हवाएं के चलते ही टूटकर बीच सड़क में गिर जाते हैं। इस वार्ड नंबर 22 में भी पाइप लाइन बिछने के बाद भी लगभग 30 प्रतिशत लोगों तक पेयजल नहीं पहुंच पाया है। इस इलाके के गांधी पथ के कोने में सड़क काफी जर्जर है और वहीं पर खंभे टेढ़ा हो गया है। जिसके कारण वहां कभी भी हादसे होने की संभावनाएं बनी हुई रहती है। वार्ड नंबर 3: कारो बस्ती रहा विकास से अछूता वार्ड-21 में मेन रोड के दाहिने तरफ भालोटिया गली से हरिमंदिर के इलाके आते हैं। चास नगर निगम के मध्य में बसा सबसे ज्यादा समस्या ग्रस्त यह इलाके हैं। भालोटिया गली का तो आज तक गंदगी के अंबार का कहानी ज्यों का ज्यों ही बरकरार है। वहीं चास में सदर बाजार और साहू मार्केट यहां के खाद्य सामग्रियों के बिक्री केंद्र का सबसे बड़ी मंडी है। इसके बगल में ही बामनियां गली, स्वामी विवेकानंद मार्ग बसा है। पर इस वार्ड में आज भी कई कई ऐसे गली, मोहल्ले है। जो आज भी बरसात के पानी में जलमग्न हो जाते हैं। वार्ड नंबर-22 में पोल पर झूल रहे बिजली तार वार्ड नंबर-21 में कचरा का रहता है अंबार इस क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
इस क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
मेरा वार्ड मेरा अधिकार वार्ड स्कैन बोकारो जिला में नगर निगम क्षेत्र के चुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहे है। निगम क्षेत्र की जनता में अपने होने वाले जनप्रतिनिधियों के प्रति उत्साह भी बढ़ती जा रही है। अब मन में यह भी सवाल उठने लगा है कि उनका होने वाला जन-प्रतिनिधि कैसा होगा? नगर निगम बनने के बाद भी आज तक वार्ड नंबर 21 और 22 कुछ जगहों में आज भी तस्वीर नहीं बदल सकी है। यहां की जनता अपने होने वाले जनप्रतिनिधियों से अपने मोहल्ले के विकास की आस लगाकर बैठे हैं। काम हुआ : कई पीसीसी पथ बने, स्ट्रीट लाइटें लगाई गई, पानी का पाइप लाइन बिछाया गया, ड्रेन सिस्टम को सुधार किया गया। काम हुआ : यहां पर कई पीसीसी पथ बने हैं, स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई, कई गली के ड्रेन सिस्टम सुधार हुए, सप्लाई पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया। 5. अभी भी स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। शिकायत करने के बाद भी मरम्मत नहीं किया गया है। 4. कई गलियों में बिजली के खंभे पर तार झूल रहे हैं। खंभे टेढ़े होने के कारण हादसे की संभावना बनी हुई है। 3. यहां की 30 प्रतिशत आबादी को सप्लाई पानी नहीं मिल रहा है। लोग खरीदकर पानी पीते हैं। 2. ड्रेन के कचरों को निकालकर सड़क के किनारे में लगाने से राहगीर परेशान हो रहे हैं। 1. इन मोहल्लों की कई सड़कें पीसीसी पथ बनने के बाद भी जर्जर हो चुकी है। 5. कई मोहल्लों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई है। जरूरत अनुसार मरम्मत भी नहीं किया जाता है। 4. कई खंभे तार समेत झुके हुए हैं, जिसके कारण आए दिन खंभों के गिरने की आशंका बनी होती है। 3. गर्मी में आज लोगों को बिजली कटौती से जिंदगी ही कष्टमय बन जाती है। 2. सदर बाजार, भालोटिया गली और साहू मार्केट में सड़क जाम की समस्या सुरसा की तरह मुंह बाएं हुए है। 1. इस इलाके में गंदगी के अंबार के कारण लोगों का चलना दूभर हो जाता है। मोहल्ले : गांधी पथ, जानकी पथ स्थित हनुमान गली, कुंवर सिंह मुहल्ला आदि शामिल है। चौहद्दी : उत्तर में पीडब्ल्यूडी सड़क, दक्षिण में बड़ा नाला, पूरब में एनएच-32 स्थित पेट्रोल पंप व पश्चिम में शिवपुरी कॉलोनी पथ स्थित ट्रांसफॉमर्सर है। मोहल्ले : मेन रोड के दाहिने तरफ बसे भालोटिया गली, साहू मार्केट, सदर बाजार, बामनियां और स्वामी विवेकानंद मार्ग हैं। चौहद्दी : उत्तर में चंदनकियारी रोड, दक्षिण में एसएस कॉलेज, पूरब में शिव मंदिर चंदनकियारी रोड व पश्चिम में एनएच-32 स्थित पेट्रोल पंप है।

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