भावांतर पर सोयाबीन बेचने में किसानों की रुचि कम:खंडवा में अब तक सिर्फ 355 पंजीयन हुए; बुधवार से शुरू होगी कपास की नीलामी

खंडवा जिले के किसान भावांतर पर सोयाबीन बेचने में कम रुचि ले रहे हैं। जिले के 73 केंद्रों पर अब तक सिर्फ 355 किसानों ने ही पंजीयन किया है। इधर कृषि उपज मंडी में कपास की नीलामी को लेकर फैसला हो गया है। कपास मंडी की शुरुआत और नीलामी 8 अक्टूबर बुधवार के दिन से शुरू होगी। रविवार को कॉटन मर्चेंट एसोसिएशन ने इस पर निर्णय लिया है। मंडी सचिव ओपी खेड़े ने कहा कि, मौसम को देखते हुए किसान अपनी उपज ढककर लाए। इधर, जिले में कपास की खेती का रकबा करीब 50 हजार हेक्टेयर का है। बारिश ने कपास की फसल को भी खराब कर दिया है। किसान अच्छी कीमत की उम्मीद जता रहे है। भावांतर में रुचि नहीं ले रहे किसान, सिर्फ 355 रजिस्ट्रेशन
भावांतर पर सोयाबीन बेचने में किसान कम ही रुचि ले रहे हैं। जिले के 73 केंद्रों पर पांच दिनों में मात्र 355 किसानों ने ही अपना पंजीयन सोयाबीन को भावांतर में बेचने के लिए कराया है। जबकि जिले में खेती करने वाले करीब 1.50 लाख किसान हैं। जिले में 30 सितंबर से भावांतर पर सोयाबीन की उपज खरीदने के लिए जिले में पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कृषि विभाग के अनुसार 5 अक्टूबर तक की स्थिति में अब तक जिले के 355 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। किसान संगठन भी लगातार विरोध कर रहे
भारतीय किसान संघ के जिलामंत्री सुभाष पटेल ने बताया कि, पूरे जिले में किसानों की सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है। एक एकड़ में 20 से 30 किलो ही सोयाबीन निकला है जो कि बिजाई इतना भी नहीं है। इधर, शासन भावांतर योजना लेकर आ गया, जिसका कि भाकिसं विरोध करता है। बता दें कि, शनिवार को उपज मंडी में भावांतर को लेकर हुई बैठक का भी भाकिसं ने बहिष्कार किया था। यह खबर भी पढ़ें….
मंडी में ताला लगा दूंगा, लगे तो जेल भिजवा देना खंडवा की कृषि उपज मंडी में शनिवार को आयोजित बैठक के दौरान उस वक्त माहौल गरम हो गया, जब एक किसान ने भरी बैठक में ही एसडीएम और मंडी सचिव को खरी-खोटी सुना दी। किसान ने साफ कहा तीन दिन में समस्या का हल नहीं हुआ तो मंडी में ताला लगा दूंगा। आप एसडीएम हो, लगे तो जेल भेज देना। पूरी खबर पढ़ें

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