लोकसभा ने गुरुवार तड़के मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की पुष्टि कर दी। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया, लेकिन कई दलों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में कोई हिंसा नहीं हुई है और मैतेई तथा कुकी समुदायों के साथ बातचीत जारी है। शाह ने कहा कि मई 2023 से शुरू हुई हिंसा में अब तक 260 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 80% पहले महीने में ही मारे गए थे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और अन्य दलों ने भी राष्ट्रपति शासन पर चर्चा के दौरान मणिपुर में शांति बहाल करने की मांग की।


