भिंंड जिले में वर्ष 2024 की 12 बड़ी घटनाएं:सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के लिहाज से यादगार रहा यह साल

भिंड जिले में वर्ष 2024 कई ऐतिहासिक और चौंकाने वाली घटनाओं का गवाह बना। हर महीने एक ऐसी घटना हुई जिसने जिले, प्रदेश, और देशभर के लोगों को झकझोर दिया। आइए, नजर डालते हैं साल के 12 महीनों की 12 बड़ी घटनाओं पर। जनवरी: 300 साल बाद राम मंदिर का जश्न अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का ऐतिहासिक क्षण 21 जनवरी को भिंड जिले ने दीप उत्सव के रूप में मनाया। हर घर दीपों से जगमगा उठा और लोगों ने इसे दीपावली जैसा पर्व बनाया। फरवरी: मासूम की दर्दनाक मौत सीतानगर में रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से नौ साल की मासूम वैष्णवी गोस्वामी की मौत ने पूरे जिले को हिला दिया। इस हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। मार्च: होटल कारोबारी के बेटे की हत्या प्रणाम जैन की हत्या: शिवरात्रि की रात होटल संचालक विनोद जैन के बेटे की हत्या ने व्यापारिक वर्ग में आक्रोश भर दिया। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। अप्रैल: शराब तस्करी का भंडाफोड़ भिंड पुलिस ने आईटीआई रोड पर छापेमारी कर 9 लाख से अधिक कीमती देसी-विदेशी शराब जब्त की। इस कार्रवाई में दो भाइयों पर मुकदमा दर्ज हुआ। मई: लोकसभा चुनाव का संग्राम 7 मई को हुए लोकसभा चुनाव में सीधी टक्कर भाजपा की सांसद संध्या राय और विधायक फूल सिंह बरैया के बीच हुई। जनता ने एक बार फिर भाजपा प्रत्याशी को चुन कर दिल्ली भेजा। जून: दूषित पानी से हैजा फैला फूप कै वार्ड क्रमांक 6 और 7 में दूषित पानी के कारण तीन लोगों की मौत और 67 लोग बीमार हुए। इस घटना ने भिंड से लेकर भोपाल तक स्वास्थ्य विभाग को हिला दिया। जांच में नगर पंचायत की लापरवाही उजागर हुई। जुलाई: पूर्व विधायक की कोठी का सीमांकन लहार के पूर्व विधायक और पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की कोठी का सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाकर कोठी सीमांकन किया गया। इस घटना ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। अगस्त: होमगार्ड जवानों की शहादत कचौगरा गांव में कुवारी नदी में डूब रहे दो ग्रामीणों को बचाते हुए होमगार्ड के दो जवान शहीद हो गए। यह घटना ने दोनों जवानों की शहादत को लोगों ने जेहन में बसाया। प्रशासनिक कमियां भी सामने आई थी। सितंबर: झूले से गिरी मासूम की मौत गोरमी कस्बे में वन विहार मेला में झूले से गिरने से 11 माह की बच्ची आइना की दर्दनाक मौत ने जिले वासियों को झकझोर दिया। यह घटना माता-पिता के लिए एक चेतावनी साबित हुई। अक्टूबर: फुटपाथ व्यापारियों हॉकर जोन शिफ्ट सदर बाजार के फुटपाथ व्यापारियों को हटाकर हॉकर्स जोन में शिफ्ट किया गया। जिला प्रशासन और नगर पालिका के इस प्रयास से परेड चौराहे से गोल मार्केट तक का रास्ता साफ हुआ। यह मांग लंबे समय से बनी थी। नवंबर: LJCC कंपनी का घोटाला दबोह कस्बे में एलजेसीसी कंपनी के दफ्तर पर ताला लग गया। निवेशकों को मैच्योर राशि न मिलने से आक्रोश भड़का। कंपनी के मैनेजर के भागने की खबर ने मामला तूल पकड़ा। दिसंबर: मोतियाबिंद ऑपरेशन में गड़बड़ी ग्वालियर के कालरा हॉस्पिटल द्वारा गोरमी के कृपे का पुरा मे नेत्र शिविर लगाया। शिविर में मोतियाबिंद के आपरेशन से सात लोगों की आंखों की रोशनी खराब होने का मामला सामने आया। इस चूक ने स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया।

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