भिंड में अतिथि विद्वान बनने लगाए फर्जी सर्टिफिकेट:कोर्ट ने महिला को 3 साल की सजा सुनाई; सीहोर, गुना और दतिया के दस्तावेज किए थे पेश

भिंड के शासकीय एमजेएस कॉलेज में अतिथि विद्वान बनने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने वाली महिला को अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने मामले को गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए आरोपी राजकुमारी उर्फ रानू कैन (निवासी ग्वालियर) को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ने वर्ष 2016 में नौकरी पाने के लिए कूट रचित दस्तावेजों का सहारा लिया था। ग्वालियर की रहने वाली है आरोपी एडीपीओ अवधेश चौधरी ने बताया कि आरोपी महिला ने साल 2016 में एमजेएस कॉलेज में उद्यमिता (Entrepreneurship) विषय के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ उसने शासकीय महाविद्यालय सीहोर, गुना और दतिया से जारी अनुभव प्रमाण पत्र लगाए थे। कॉलेज प्रबंधन को इन दस्तावेजों पर शक हुआ, जिसके बाद जांच समिति गठित कर संबंधित संस्थानों से जानकारी मांगी गई। जांच में खुली पोल, 2017 में दर्ज हुआ था केस जांच में सामने आया कि आरोपी के नाम से संबंधित कॉलेजों ने कोई अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था। सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद वर्ष 2017 में कोतवाली भिंड में मामला दर्ज कराया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत पेश किए। कोर्ट ने माना कि सरकारी पद पाने के लिए फर्जीवाड़ा करना गंभीर अपराध है और आईपीसी की धारा 420 व 471 के तहत सजा सुनाई।

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